संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा।
जिले में सात सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को पीएमश्री तो बना दिया गया है, लेकिन अभी तक सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में इन स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए
शिक्षा विभाग ने निदेशालय से चार करोड़ रुपये के बजट की मांग की है। प्रत्येक स्कूल पर 50 से 60 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जिले के सात स्कूलों को ट्रायल के रूप में विकसित किया जाना है। इसको लेकर पिछले कई महीनों से कवायद चल रही है। पीएमश्री में प्रत्येक खंड का एक स्कूल शामिल किया गया है। इन स्कूलों को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नाम दिया गया है। इन स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने निदेशालय से बजट मांगा है। प्रत्येक स्कूल के लिए 50 से 60 लाख रुपये की डिमांड की है। इस बजट के माध्यम से स्कूल में मूलभूत सुविधाओं को पूरा किया जाएगा। यह बजट स्कूल की चारदीवारी, लैब, पानी की व्यवस्था, सोलर पैनल, रंग रोगन, लैब का सामान, इंटरनेट की व्यवस्था, स्मार्ट बोर्ड, लैब, डिजिटल लैब आदि चीजों पर खर्च किया जाएगा। नया टेक्निकल स्टाफ भी नियुक्त किया जाएगा। अगर किसी स्कूल में साइंस व कॉमर्स नहीं है, उन स्कूलों से इन कोर्सों की डिमांड मांगी गई है।
इन स्कूलों को बनाया गया पीएमश्री स्कूल
खंड का नाम, स्कूल का नाम
- सिरसा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, माधोसिंघाना
- ऐलनाबाद, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भूर्टवाला
- रानियां, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खारियां
- डबवाली, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चौटाला
- ओढां, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ओढां
- बड़ागुढ़ा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बडागुढ़ा
- चोपटा, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चोपटा
वर्जन
जिला के सात स्कूलों को पीएमश्री स्कूलों बदला जाना है। इस दौरान स्कूलों के कागजी कार्य पूरा कर लिया गया है। अब स्कूलों के इंफास्ट्रक्चर के लिए निदेशालय से बजट की मांग की गई है। इस दौरान सात स्कूलों के लिए चार करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। प्रत्येक स्कूल पर 50 से 60 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। - विनोद कुमार, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।