सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को शैक्षणिक परिषद की 40वीं बैठक हुई। इसमें 50 से अधिक एजेंडे पारित किए गए। इस दौरान यूएसजीएस में बीएससी लाइफ साइंस तथा बीएससी फिजिकल साइंस के पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया गया।
इसके साथ ही पीएचडी आर्डिनेंस को भी पारित किया गया। इसके अलावा यूजीसी के निर्देशानुसार कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के तहत दाखिलों के लिए सीट आरक्षित करने का फैसला भी लिया गया। बैठक की अध्यक्षता चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने की। बैठक में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से दक्ष करने व इंडस्ट्री और एकेडमी दूरी खत्म करने के उद्देश्य से नेशनल फर्टीलाइजर लिमिटेड पानीपत यूनिट तथा सियमोसिस बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड से करार किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अनेक विषयों के पाठ्यक्रम को भी इस बैठक में पास किया गया। पीएचडी शोधार्थियों के शोध विषय को भी मंजूरी दी गई। बीएड, बीटेक तथा एमटेक आदि पाठ्यक्रमों का एकेडमिक कैलेंडर भी पास किया गया। यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम्स के करिकुलम तथा क्रेडिट फ्रेमवर्क को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
इस बैठक में अतिरिक्त शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत, जीजेयू हिसार से प्रो. देवेंद्र कुमार व शैक्षणिक परिषद के सदस्यों ने फिजिकल मोड में तथा चंडीगढ़ से हायर एजुकेशन नॉमिनी डॉ. सुखविंद्र सिंह और लुवास हिसार से प्रो. एसएस ढाका, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से प्रो. रेणु कपीला, एमएम कॉलेज, फतेहाबाद के प्रधानाचार्य डॉ. गुरचरण दास ने ऑनलाइन मोड से शिरकत की।
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पीजी के तर्ज पर यूजी में भी होगी स्पेशल प्रेक्टिकल परीक्षाएं
पीजी की तर्ज पर यूजी (स्नातक) के अंदर भी स्पेशल प्रेक्टिकल परीक्षाओं के प्रावधान को पारित किया गया। ये परीक्षाएं विश्वविद्यालय परिसर में ही होगी। विद्यार्थियों की मांग पर विभिन्न पाठ्यक्रमों में इनटेक को बढ़ाने का फैसला भी लिया गया। बैठक में बाहर से जुड़े हुए सदस्यों ने सीडीएलयू की उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न कदमाें की प्रशंसा की। बैठक का संचालन शैक्षणिक परिषद के सदस्य सचिव एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार बंसल ने किया। इस बैठक में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने भी सीडीएलयू में बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए अनेक सुझाव दिए।