संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रामनगरिया स्थित शिव बर्तन फैक्टरी में हुई मजदूर मोहम्मद अरमोज की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी बृजमोहन ठाकुर को दोषी करार दिया है। दोषी की सजा का फैसला 24 मार्च को सुनाया जाएगा। इस केस में हत्याकांड का कोई भी चश्मदीद नहीं था और गवाह भी पूर्व के बयान से मुकर गए थे। पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पलविंदर सिंह ने बताया कि न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने मामले की तमाम परिस्थितियों को देखते हुए अपने विवेकाधिकार के तहत आरोपी को दोषी करार दिया है।
इस मामले में शहर थाना पुलिस ने मई 2022 में केस दर्ज किया था। बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद अरमोज सिरसा के रामनगरिया स्थित शिव बर्तन फैक्टरी में काम करता था। उसका साला विहार के जिला पूर्वी चम्पारण निवासी मोहम्मद रहमत भी इसी फैक्टरी में काम करता था। 24 मई 2022 की रात को मोहम्मद अरमोज का फैक्टरी में काम करने वाले बिहार के मोतिहार निवासी बृजमोहन ठाकुर के साथ झगड़ा हो गया था। साथी मजदूरों ने दोनों को छुड़वाया। 29 मई को सभी मजदूर खाना खाकर सो गए। मोहम्मद अरमोज खाना खाकर फैक्टरी की दूसरी मंजिल की छत पर जाकर सो गया था। अगले दिन सुबह 5 बजे एक मजदूर ने मोहम्मद रहमत को बताया कि तुम्हारे जीजा मोहम्मद अरमोज खान के सिर पर काफी चोट लगी है। इसके बाद मोहम्मद रहमत छत पर पहुंचा तो मोहम्मद अरमोज की मौत हो चुकी थी।
पुलिस को दिए बयान में मोहम्मद रहमत ने बताया था कि उसके जीजा मोहम्मद अमरोज की हत्या बृजमोहन ने की है। हत्या करने के बाद वह भाग गया। पुलिस ने आरोपी बृजमोहन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
झगड़े के बाद मारने की ठान ली
आरोपी बृजमोहन ने पुलिस को बताया कि मोहम्मद अरमोज से उसकी अनबन रहती थी। कुछ दिन पहले उसका उससे झगड़ा हो गया था। इसके बाद उसने अरमोज को मारने की ठान ली। बृजमोहन ने पुलिस को बताया कि वह 29 मई की रात को रॉड लेकर छत पर गया और चारपाई पर सोए मोहम्मद अरमोज के सिर व मुंह पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी।