संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। घग्गर नदी के तटबंध पर बसे कई गांवों के लोगों की सालों पुरानी मांग अब परवान चढ़ने वाली है। गांव बुढ़ाभाणा एवं फरवाईं खुर्द के बीच घग्गर नदी पर 803.80 लाख रुपये की लागत से पुल बनाया जाएगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग इसके लिए टेंडर लगाया जा चुका है।
जिले में गांव पनिहारी, मल्लेवाला, कुत्ताबढ़ एवं झोरड़नाली के बाद नदी पर यह पुल बनाया जाएगा। इस पुल की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के बाद फाइनल ड्राइंग तैयार की गई है। विभाग की ओर से 18 माह की अवधि में पुल बनाकर तैयार किया जाना है।
दरअसल घग्गर नदी पर जिले के अनेक गांव बसे हैं। गांव बुढ़ाभाणा के ग्रामीण भी लंबे समय से पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं। फिलहाल एक नाव के जरिए ग्रामीण नदी को पार करते हैं। जब नदी में करीब तीन से चार फुट पानी होता है, तब एक जुगाड़नुमा पुल से पैदल एवं दोपहिया वाहनों के जरिसे नदी को पार किया जाता है। यह पुल के बनने के बाद आसपास के करीब दस गांव को प्रत्यक्ष रूप से जबकि 25 से अधिक गांवों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। पुल बनने के बाद सिरसा जिले के कई गांव से सीधे पंजाब से जुड़ जाएंगे और सिरसा शहर से भी दूरी कम हो जाएगी।
साढ़े सात मीटर चोड़ा होगा पुल
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पुल साढ़े 7 मीटर चोड़ा होगा। इसकी लंबाई 100 मीटर रहेगी। पांच बड़े पिलर बनाए जाएंगे। गांव बुढ़ाभाणा, किराडक़ोट, नागोकी, फरवाईं खुर्द, फरवाईं कलां, दड़बी, पनिहारी, नेजाडेला, बप्पा सहित अनेक गांवों के लोग काफी समय से घग्घर नदी पर पुल बनाने की मांग करते आ रहे हैं।
वर्जन
घग्गर नदी पर पुल के निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। पुल के बनने से फरवाईं खुर्द, फरवाईं कलां, फरवाईं खुर्द, बुढ़ाभाणा, किराड़कोट, बरुवाली, संघर, पनिहारी, बप्पां, नागोकी, बुर्जकर्मगढ़, अलीकां, सिकंदरपुर सहित अनेक गांवों को लाभ मिलेगा। - शमशेर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग घग्गर डिवीजन।
वर्जन
इस पुल के निर्माण होने से 20 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। घग्गर नदी पर पुल न होने के चलते ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण नाव के जरिये नदी पार करते है। इसके बाद सिरसा शहर एवं पंजाब जाते थे। अब पुल का निर्माण जल्द शुरू हो जाता है तो इससे आसपास के गांव की तस्वीर बदल जाएगी। - हैप्पी बाला, सरपंच, गांव बुढ़ाभाणा।