संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ऐलनाबाद कोर्ट परिसर में अब छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए राहत भरी व्यवस्था की जा रही है। न्यायालय प्रशासन की ओर से कोर्ट परिसर में विशेष स्तनपान कक्ष (ब्रेस्ट फीडिंग रूम) बनाए जाएंगे, ताकि माताएं अपने नवजात और छोटे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गोपनीय वातावरण में दूध पिला सकें। वहीं, रानियां के ग्राम न्यायालय में भी यह व्यवस्था की जाएगी।
अब तक कोर्ट में पेशी, गवाही या अन्य न्यायिक कार्यों के लिए आने वाली महिलाओं को अपने बच्चों को खुले स्थानों या असुविधाजनक परिस्थितियों में दूध पिलाना पड़ता था। इसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की जा रही है ताकि महिलाओं को सम्मानजनक और सुविधाजनक माहौल मिल सके।
प्रस्तावित स्तनपान कक्षों में बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, वेंटिलेशन और बच्चों की देखभाल से जुड़ीं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही इन कक्षों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि माताओं की निजता बनी रहे और वे बिना किसी संकोच के अपने बच्चों की देखभाल कर सकें।
महिला अधिवक्ताओं से कर्मचारियों तक को मिलेगी सुविधा
न्यायालय प्रशासन का मानना है कि यह कदम महिलाओं और बच्चों के अनुकूल न्यायिक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे न केवल महिला अधिवक्ताओं, महिला वादकारियों और कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि न्यायालय आने वाली आम महिलाओं को भी राहत मिलेगी। महिला अधिकारों और मातृत्व संरक्षण की दिशा में यह पहल कोर्ट परिसर को और अधिक संवेदनशील तथा समावेशी बनाने की ओर एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
बच्चों के लिए विशेष रूप से शौचालय बनाए जाएंगे
ऐलनाबाद में स्तनपान के लिए व्यवस्था होगी। वहीं, छोटे बच्चों के शौचालय को लेकर विशेष व्यवस्था भी करवाई जाएगी। इसमें कुल 1 लाख 79 हजार रुपये का खर्च आएगा।
यह सुविधा अपने आप में बेहद खास होने वाली है। रानियां के ग्राम न्यायालयों में महिलाओं के लिए यह व्यवस्था होगी। आमतौर पर ऐसा देखने को नहीं मिलता है और महिलाओं को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। इस पर कुल 84,267 रुपये का खर्च आएगा।
कोटस
रानियां और ऐलनाबाद में मां और शिशु के लिए विशेष स्तनपान कक्ष बनाए जाएंगे। इसके साथ साथ ऐलनाबाद में छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से शौचालय बनाए जाएंगे। इसको लेकर टेंडर लगाए गए हैं। जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-परमेश जांगडा, एक्सईएन , बीएंडआर विभाग