संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के वार्ड 10 और 21 में पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। दोनों वार्डों में बोरवेल खराब होने से 200 से अधिक घरों में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को मजबूर होकर शिवपुरी से 600 रुपये में पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। नाराज लोगों ने अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
पार्षदों ने अपनी मजबूरी जाहिर करते हुए कहा कि न तो अधिकारी कोई सुनवाई करते है, न ही परिषद के चेयरमैन। स्थानीय लोगों ने कहा कि पानी और पार्किंग की समस्या से तंग आकर हमने घर बेचने निकाल दिए हैं। रोज-रोज की परेशानी से तंग आ चुके हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ दीपक की माने तो ट्यूबवेल की मोटर बदलनी पड़ेगी। इसका एस्टीमेट बनाया जा चुका है। आसपास एक ट्यूबवेल और है, उसे कनेक्शन करवाया जा रहा है, ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके। इस एरिया में नहरी पानी भी सप्लाई होता है।
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सड़क पर उतरे लोग, पार्षद को सुनाई खरी-खरी
शुक्रवार देर रात वार्ड 10 में लोग पानी की आपूर्ति बाधित होने पर सड़कों पर उतर आए। पार्षद सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समस्या से अवगत करवाने पर अधिकारियों ने पहले कहा कि खोदाई के लिए लेबर नहीं है, जब लेबर की व्यवस्था कर दी तो अब कह रहे हैं कि एस्टीमेट बनाया गया है। इसके बाद आगामी प्रक्रिया शुरू करेंगे। लोगों ने कहा कि उनका कीर्ति नगर एरिया में रहना मुश्किल हो गया है। सरकारी नौकरी करने वाले कर्मचारी ने बताया कि पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। गर्मी में टयूबवेल कुछ दिन चलता है फिर खराब हो जाता है। गली के सभी लोग तंग आ चुके हैं और मकान बेचने के लिए निकाल दिए हैं। इस मौके पर पार्षद को भी लोगों ने खरी-खरी सुनाई।
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पहले मोटर खराब थी, अब केबल
वार्ड 21 में ट्यूबवेल खराब है। प्रशासन की ओर से कोई पानी की व्यवस्था नहीं की गई। पूर्व पार्षद नीतू सोनी, अश्विनी कुमार, सुनील कुमार, नीलम रानी, उर्मिला देवी आदि ने बताया कि विभाग के अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। डीसी को लिखित में शिकायत दी गई है। वार्ड के अरोड़ा सुनारों वाली गली, गली डेयरी वाली, नंदू छब्बू वाली गली, राम सिंह वाली गली आदि में पानी नहीं आ रहा है। पेयजल की किल्लत 100 से ज्यादा परिवार प्रभावित हैं। नहरी पानी की सप्लाई नहीं आती है। जैन पार्क से बूस्टर के जरिए छोड़ा गया पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा। शनिवार को जब ट्यूबवेल की मोटर डालने पहुंचे तो केबल में खराबी निकली, जिससे अर्थिंग और हादसे का खतरा बताया गया। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले रेडक्रॉस में लगा टयूबवेल भी खराब हो गया था। लिखित में मुख्यमंत्री व उपायुक्त को शिकायत दी तब जाकर ट्यूबवेल दुरुस्त हुआ।
टैंकर भेजने से भी किया परहेज
स्थानीय लोगों ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग ने टैंकर तक भेजना जरूरी नहीं समझा। विभाग को प्रतिदिन ऑन लाइन रिपोर्ट भी जमा करवानी होती है कि कितने वाटर टैंकर भरे हैं। इसके बाद भी उनके क्षेत्र में पानी के टैंकर नहीं भेजे रहा है। शिवपुरी क्षेत्र से रोज 600 रुपये खर्च करके पानी का टैंकर मंगवाया जा रहा है।
कोट्स
कीर्ति नगर में टयूबवेल की मोटर खराब है, एस्टीमेट तैयार कर भेजा जा चुका है। फिलहाल आसपास के टयूबवेल से सप्लाई देने की व्यवस्था की जा रही है। नहरी सप्लाई भी क्षेत्र में दी जाती है। वार्ड 21 में शिकायत मिली थी, उसका समाधान करवाया जा रहा है। - दीपक, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग।
पेयजल को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
लोगों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि कोई भी अधिकारी लापरवाही करेगा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - केके गिल, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग।