फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: मंत्रियों के पुतले पर फोड़ा मटका, फिर किया दहन

Tue, 02 May 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
सिरसा। ई-टेंडरिंग व राइट-टू रिकॉल कानून के विरोध में सरपंचों ने मंगलवार को शहर में मंत्रियों के पुतले की शव यात्रा निकाली। सरपंचों ने पहले चौक पर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पंचायत मंत्री के पुतले रखकर मटका फोड़ा और इसके बाद लघु सचिवालय के समक्ष दहन किया। सरपंच एसोसिएशन की राज्य उपप्रधान सरपंच संतोष बैनीवाल ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि चाहे सरकार उसे गोली मरवा दें लेकिन वह अपने हकों के लिए रोष व धरने प्रदर्शन जारी रखेंगे और लेकर रहेंगे। उन्होंने सिरसा में विधायकों व मंत्रियों व सीएम के आगमन पर विरोध करने की भी चेतावनी दी।
विज्ञापन

मंगलवार को सुबह जिलेभर के सरपंच बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र हुए। सरपंचों ने 30 मई को जींद में प्रदेश स्तरीय महारैली की घोषणा भी की। महिला सरपंच संतोष बैनीवाल ने कहा कि गांव बचाओ देहात बचाओ के लिए उनका बीते चार माह से आंदोलन जारी है। मंगलवार को प्रदेशभर में सभी जिलों में पुतले फूंके जा रहे हैं। उनकी दो मुख्य मांगें है राइट-टू-रिकॉल कानून निरस्त किया जाए या विधायक-सांसदों पर भी यह लागू हो। ई-टेंडरिंग भी खत्म की जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल मौजूदा सरपंचों की लड़ाई नहीं बल्कि पूरे गांव देहात की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह हक पाने के लिए लगातार आंदोलन करते रहेंगे इसके लिए चाहे सरकार उसे गोली भी मरवा दें, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। सरपंचों ने कहा कि अब उनके गांवों में जो भी विधायक व मंत्री आता है तो उसका विरोध करेंगे। इस मौके पर कर्ण कंग, वेदप्रकाश, चरणजीत, नरेश कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बोले- खुद 2 करोड़ खर्च कर गांव का भी करवा लेंगे विकास
संतोष बैनीवाल ने कहा कि 16 तारीख को सीएम मनोहर लाल को सिरसा में आना है। इस दौरान सरपंच उनका डटकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कि हम करोड़ रुपये खर्च कर सरपंच बने हैं। अगर करोड़ खर्च करके सरपंच बने हैं, तो दो करोड़ रुपये खर्च कर अपने गांव का विकास भी करवा सकते हैं।
विज्ञापन


उपायुक्त से बोले सरपंच- हम तो बाहर ही अपना गुस्सा शांत कर लेते हैं
प्रदर्शन के बाद सरपंचों ने लघु सचिवालय के समक्ष ही रंधावा के ग्रामीणों का समर्थन किया। उपायुक्त को मांग पत्र सौंपने के लिए पहुंचे ग्रामीणों के साथ सरपंच भी पहुंच गए। सरपंचों ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम तो सचिवालय के बाहर ही रोष प्रदर्शन कर अपना गुस्सा शांत कर लेते हैं। कई बार मांग पत्र सौंप चुके हैं, लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा। इसके कारण आपको परेशान करना बंद कर दिया है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें