सिरसा। डॉ. आंबेडकर की आदमकद प्रतिमा लॉ कॉलेज के सामने स्थापित करने सहित अन्य मांगों को लेकर चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों का रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कुलपति डॉ. अजमेर सिंह मलिक से हुई तीखी बहस के बाद मंगलवार को पुतला दहन करने को लेकर विद्यार्थियों और सुरक्षा कर्मियों की बीच हाथापाई हुई। सुरक्षा कर्मियों ने वीसी के अधजले पुतले को छात्रों से छीनकर दूर फेंक दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी। यहां एक घंटे तक हंगामा के बाद विद्यार्थियों ने लघु सचिवालय पहुंचकर जताया रोष और सीटीएम अजय सिंह को मांग पत्र सौंपा।
डॉ. आंबेडकर छात्र संघ के बनैर तेल विद्यार्थी सुबह 11 बजे सीडीएलयू के लॉ भवन के समक्ष एकत्र हुए। यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय की तरफ स्थित मुख्य गेट पर पहुंच गए। छात्रों के प्रदर्शन को देखते सीडीएलयू प्रशासन ने पहले ही पुलिस को मामले की सूचना देकर सुरक्षा के लिए बुलाया लिया। छात्रों ने मुख्य गेट के समक्ष वीसी के पुतले का दहन किया। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों ने पुतला छीनने का प्रयास दिया और छात्रों को दूर हटाने की कोशिश की। इसके दौरान छात्र और सुरक्षा कर्मी आपस में भिड़ गए। विद्यार्थी और सुरक्षा कर्मियों ने एक-दूसरे से हाथापाई शुरू कर दी। बीच बचाव करने के लिए मौके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों को आना पड़ा।
कुलपति पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
एक घंटे हंगामे के बाद सभी छात्र प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के समक्ष पहुंचे और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। यहां पर छात्रों से मांग पत्र लेने के लिए सीटीएम पहुंचे। छात्रों ने सीटीएम अजय सिंह को पूरे मामले की जानकारी की और कुलपति पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। सीटीएम ने मांग पत्र राज्यपाल को भेजने का आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को शांत करते हुए कहा कि राज्यपाल की ओर से मामले की जांच की जाएगी।
छात्र बोले- कुलपति को आती है हमारे से दुर्गंध, रखते जातिवाद की मानसिकता
डॉ. आंबेडकर छात्र संघ के उपाध्यक्ष सुधीर, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र इंदल, प्रधान कर्ण, उपप्रधान मुकेश, सचिव अनूप सोढ़ी, सौरभ कुमार ने कहा कि कुलपति डॉ. अजमेर सिंह मलिक को उनके बीच से दुर्गंध आती है। इसके कारण वह सभी विद्यार्थियों को दूर होकर बात करने को कहते हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति जातिवाद मानसिकता के चलते उनके साथ भेदभाव करते हैं। जब से यूनिवर्सिटी में वीसी नियुक्त हुए हैं, उसके बाद आए दिन दलित समाज से जुड़े छात्रों को टारगेट करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी वे डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग को लेकर 15 दिन धरने पर बैठे थे, लेकिन सुनवाई नहीं। इसके चलते अब फिर से उन्हें मांग के लिए धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
छात्रों की ओर से पुतले का दहन किया जा रहा था। इन्हें वहां से दूर करने के लिए कहा था, लेकिन विद्यार्थियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। मामले की शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। - हिम्मत सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज, सीडीएलयू सिरसा ।