शिविर में रक्तदाता का उत्साह बढ़ाते ब्लड मैन अमर सिंह
नाथूसरी चोपटा(सिरसा)। चोपटा क्षेत्र के साथ लगते राजस्थान के गांव श्योदानपुरा में पैदा हुए अमर सिंह नायक को आज पूरे भारत में राजस्थान के ब्लड मैन के नाम के साथ जाना जाता है। भले ही अमर सिंह नायक खुद एक अनपढ़ खेतिहर मजदूर हैं परंतु वह पढ़े-लिखे लोगों को इंसानियत का पाठ पढ़ा रहे हैं। अमर सिंह नायक आज तक खुद 106 बार रक्तदान कर चुके हैं।
यू-ट्यूब व गूगल पर ब्लड मैन ऑफ राजस्थान सर्च करते ही उनका नाम सब से पहला सामने आता है। वहीं अपने खर्च पर करीब 1000 रक्तदान कैंप लगा चुके हैं, पिछले 39 साल से लोगों की जिन्दगियों को बचा रहे हैं। अमर सिंह नायक ने बताया कि सन 1985 में जब उन्होंने सड़क पर एक सिख भाईचारे के आदमी को घायल हालत में पड़े देखा तो उनका मन व्याकुल हो उठा। उन्होंने उस आदमी को उठाकर अस्पताल पहुंचाया और उसके लिए अपना रक्तदान भी दिया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि दुनिया भर के लोग राजस्थान के ब्लड मैन के नाम से जानते हैं।
टिब्बी के पास गांव श्योदानपुरा के रहने वाले अमर सिंह नायक को ब्लड मैन के नाम से पुकारा जाता है। वर्ष 1985 में महज 18 वर्ष की आयु में रक्तदान कर जिंदगी बचाई। इसके बाद दूसरों को भी प्रेरित करने की मुहिम शुरू की। डबवाली अग्निकांड पीड़ितों की मदद के लिए युवाओं को साथ लेकर रक्तदान किया। खुद के खर्चे पर न केवल कैंप लगाए बल्कि यात्रा भी निकाली। रक्तदान शिविर का खर्च उठाने के लिए 3 बीघा जमीन बेच दी। इसी वजह से अमर सिंह रक्तदान के लिए कई बार सम्मानित भी चुके हैं। संवाद