भारतीय जनता पार्टी हरियाणा ने पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्काषित कर दिया है।
भाजपा के जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के संविधान की धारा- 25 के भाग-9 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने उन सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को पार्टी से छह वर्ष के लिये निष्कासित कर दिया है, जो पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत कालांवाली विधानसभा के राजेंद्र देसूजोधा एवं सिरसा विधानसभा के गोकुल सेतिया को निष्कासन पत्र जारी कर दिए गए हैं।
टिकट न मिलने पर निर्दलीय खड़े हैं गोकुल सेतिया
इनेलो समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल सेतिया भाजपा के युवा नेता थे। पूर्व मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा की पुत्री व उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी सुनीता सेतिया ने 2014 में भाजपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। चुनाव में वे तीसरे नंबर पर रहीं। सिरसा नगर परिषद के चुनावों में उनके खेमे की शीला सहगल चेयरपर्सन बनीं। लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भाजपा पार्षदों के सहयोग से विपक्षी पार्षदों ने शीला सहगल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास करवा लिया। सेतिया परिवार ने भाजपा चेयरपर्सन की कुर्सी गिराने में भाजपा के स्थानीय नेताओं को भूमिका बताई। इससे सिरसा में भाजपा में गुटबाजी बढ़ गई। सुनीता सेतिया के वोट बैंक को देखकर भाजपा की टिकट का उन्हें प्रबल दावेदार माना जा रहा था। लेकिन भाजपा हाईकमान ने दिवंगत जनसंघ नेता महावीर प्रसाद के पुत्र प्रदीप रातुसरिया को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। इसके विरोध में सेतिया परिवार ने भाजपा से बगावत कर दी। सेतिया समर्थकों ने सुनीता सेतिया के पुत्र गोकुल सेतिया को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़ा कर दिया। वहीं इनेलो ने सेतिया परिवार के वोट बैंक को ध्यान में रखकर इस सीट पर उनका समर्थन कर दिया।
राजेंद्र देसूजोधा भी 2014 में लड़ चुके हैं कालांवाली से चुनाव
भाजपा नेता राजेंद्र देसूजोधा 2014 में कालांवाली से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लेकिन तीसरे नंबर पर रहे। पिछले पांच सालों से वे पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर भाजपा का प्रचार कर रहे थे। भाजपा ने अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह को तीन दिन पहले पार्टी में शामिल होने पर टिकट दे दी। ऐसे में टिकट न मिलने से नाराज देसूजोधा ने शिअद ज्वाइन कर ली। शिअद व इनेलो ने राजेंद्र देसूजोधा को अपना संयुक्त उम्मीदवार घोषित कर दिया। ऐसे में भाजपा ने बीते दिन शुक्रवार को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया।