गांव बणी में बिजली भरवाने आई टीम को ग्रामीणों ने बिना बिजली बिल भरे बैरंग लौटा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सरकार व विभाग बढ़े हुए बिजली के दामों को वापस नहीं लेते तब तक वे ट्यूबवेल और घरों के बिजली बिल नहीं भरेंगे।
ग्रामीणों ने गांव में बिजलीघर प्रांगण में बैठक की। बैठक में भाला राम झोरड़, राम सिंह झोरड़, इंद्राज सुथार, फतेह सिंह, मोहन लाल, रामप्रताप, आर सी झोरड़, लाधुराम, मंगतुराम सहित कई बिजली उपभोक्ताओं ने भाग लिया।
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि सरकार ने बिजली के दाम में वृद्धि उपभोक्ताओं पर अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया है। बढ़े बिजली के दामों के कारण बिजली बिल की राशि कई गुना बढ़ गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बिजली बिल भरने के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि वे बढ़े बिजली के दामों को कतई बर्दास्त नहीं करेंगे। बैठक में ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से फैसला लिया कि जब तक सरकार बिजली के दामों में की गई वृद्धि वापस नहीं लेती तब तक वे ट्यूबवेलों व घरों के बिजली बिल नहीं भरेंगे।
ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन किया और बिजली के बिलों को जलाकर गुस्सा निकाला। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सरकार अपने बिजली के बढ़ाए गए दामों को वापस नहीं ले लेती तब तक उनका बहिष्कार जारी रहेगा तथा वे बिजली के बिल नहीं भरेंगें।
फतेहपुरिया में भी बिजली कर्मियों को लौटाया
रानियां। गांव फतेहरपुरिया में भी शुक्रवार को बिजली के बिल लेने पहुंचे निगम कर्मचारियों को ग्रामीणों ने बिना बिल भरे खाली हाथ वापस भेज दिया।
गांव के निवर्तमान सरपंच महाबीर, विनोद मेहला, दाता राम, कपिल सेेनीवाल, कमलेश, हजारी राम, संदीप आदि ने बताया कि बिजली के दामों में वृद्धि कर सरकार ने ग्रामीणों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि फसल की मार वे किसान पहले ही त्रस्त है, लेकिन अब बिजली के दामों में सरकार ने वृद्धि कर उनके साथ अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेती तब तक वे बिल नहीं भरेंगे। ग्रामीणों ने विभाग व सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन भी किया।