इनेलो सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है उनकी रिहाई। लोगों के बीच आने से पहले उनका नाम जुबान पर चढ़ सा गया है। पैतृक इलाके डबवाली की बात करें तो एक अलग से नजारा सामने आ रहा है। शहर में पार्क या फिर सार्वजनिक जगहों पर लोग इकट्ठे होते हैं तो चर्चा का केंद्र बिंदु चौटाला होते हैं। राजनीति से दूर-दूर का वास्ता न रखने वाले लोग भविष्य की कुंडली बना डालते हैं। गांव की चौपाल की तो बात ही अलग है। हालांकि ग्रामीण आंचल में कोरोना के अधिक प्रभावी होने के कारण चौपाल पर कम ग्रामीण जुट रहे हैं। जितने भी जुट रहे हैं वे चौटाला और अभय सिंह नाम ले रहे हैं। पंचायती तथा निकाय चुनावों से पहले पूर्व सीएम की रिहाई को इनेलो के लिए मजबूत बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है बड़े चौटाला ने ग्रामीण तथा शहरी इकाइयों को जीतकर सत्ता का दरवाजा खोला है। इस बार उनकी मौजूदगी बड़ा परिवर्तन लेकर आएगी। अब तक विपक्षी नेता के रुप में उभर रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का रास्ता मुश्किल हो गया है। चूंकि पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा, वे नई ऊर्जा के साथ चलेंगे। बुजुर्गों का कहना है कि उनके बाहर आने से इनेलो को संजीवनी मिली है।