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रूचि के अनुसार काम कर जल्दी पा सकते हैं सफलता - अशोक गर्ग

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छात्रा को सम्मानित करते हुए डीसी अशोक कुमार गर्ग। - फोटो : Sirsa
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‘विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषय का चयन कर पढ़ाई करें न कि घर वालों के दबाव में आकर अपनी रुचि को खत्म करें। इससे बच्चों में काम करने की लगन बढ़ेगी और उनका सामाजिक विकास भी होगा। अगर मैं भी अपनी रुचि के अनुसार कार्य न करता तो आज इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाता।’
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यह बात मुख्य अतिथि उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने शनिवार को द सिरसा स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित भविष्य ज्योति कार्यक्रम में अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कही। कार्यक्रम में बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता गुलशन वधवा और द सिरसा स्कूल की प्रिंसिपल राकेश सचदेवा गेस्ट ऑनर के रूप में शामिल हुए। उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने जिले के 31 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
इससे पहले उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विषय में पढ़ाई करें न कि घर वालों के दबाव में आकर अपनी रुचि को खत्म करें। उपायुक्त ने अभिभावकों से बच्चों को उनकी इच्छानुसार ही करियर का चुनाव करने देने की अपील की। उपायुक्त ने बताया कि अगर वह अपनी रुचि के अनुसार कार्य न करते तो आज वह इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाते। अगर कोई भी छात्र अपने मन अथवा रुचि के अनुसार काम करता है तो उसको उसमें आनंद भी आता है तथा सफलता भी जल्दी मिल जाती है।
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उपायुक्त ने कहा कि व्यक्ति में सब कुछ करने की क्षमता होती है बस जरूरत है उसे निखारने की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को ऐसे ही मेहनत करने के लिए प्रेरित किया जिससे आने वाले समय फिर से उनको सम्मानित किए जा सके । बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता गुलशन कुमार वधवा ने भी बच्चों को मेहनत करने की प्रेरणा दी। दी सिरसा स्कूल के संगीत विभाग ने एक गीत भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में मंच संचालन स्कूल की पीजीटी अंजू गुप्ता और कुलजीत कौर ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया।
लड़कियां किसी से कम नहीं
उपायुक्त ने बताया कि 31 अव्वल विद्यार्थियों में से केवल एक ही लड़का है। इसका अर्थ है कि आज लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। उनके दादा, दादी के जमाने में लोगों की धारणा थी कि अगर लड़की को पढ़ाया तो धर्म भ्रष्ट हो जाएगा। लेकिन आज युवाओं में बदलाव आया और पुराने रूढ़िवादी विचार खत्म हो रहे हैं। समाज में परिवर्तन केवल युवा ही ला सकते हैं। युवाओं को बुरी परंपराओं को छोड़कर अच्छी परंपरा अपनानी चाहिए।
थोम्स एडीसन को स्कूल ने चिट्ठी देकर घर भेज दिया था
उपायुक्त ने थोम्स एडीसन का उदाहरण देते हुए बताया कि थोम्स बचपन से ही मंदबुद्धि थे। उन्हें पढ़ाई में कुछ नहीं आता जाता था। थोम्स के पिता नहीं थे। वह अपनी माता के साथ रहते थे। एक बार स्कूल ने थोम्स को एक चिठ्ठी लिखकर दी और बोला कि वह अपनी मां को यह चिठ्ठी दे। जिस पर थोम्स ने घर आकर अपनी मां को वह चिठ्ठी दे दी। उसकी मां ने कहा कि कल से तू स्कूल नहीं जाएगा। इस पर थोम्स ने अपनी मां से पूछा कि वह स्कूल क्यों नहीं जाएगा। मां ने बताया कि स्कूल ने कहा है कि उनका बच्चा इतना होशियार है कि वह उन्हें पढ़ा सकें। आप घर पर ही पढ़ाएं। जिसके बाद थोम्स की मां ने उसे घर ही पढ़ाना शुरू किया। थोम्स ने बड़े होकर कई आविष्कार किए, जिसमें से एक आविष्कार बल्ब का था। कुछ समय के बाद थोम्स की मां की तबीयत खराब हो गई और उस दौरान उन्हें एक दिन चिठ्ठी हाथ लग गई। जिसमें स्कूल के द्वारा थोम्स के लिए लिखा हुआ था कि वह अपने बच्चे को घर पर ही रखें। यह कभी कामयाब नहीं हो सकता है। स्कूल में वह दूसरे बच्चों को भी खराब करेगा। इससे अच्छा है कि आप इसे घर पर ही रखें। वह चिठ्ठी पढ़कर थोम्स की आंखों में पानी आ गया और सोचने लगा कि अगर उस दिन उसकी मां यह बात उसको बता देती तो शायद वह आज यहां तक नहीं पहुुंच पाता।
इन मेधावी बच्चों को किया गया सम्मानित
जश्नदीप कौर, मनजीत कौर, आदिती, मनीषा, प्रियांशु, सांझ, शीतल, निशा, प्रियकां, रितू, सारू गुप्ता, वंसित ओसतवाल, रोहित गुलेरिया, याशा जैन, मरीदुल गोयल, अमनदीप कौर, अलीशा, मुस्कान, रजनी मक्कर, मनप्रीत कौर, कंचन, वर्षा, मनीषा, मोनू, नेहा रानी, निर्मला, संजय, रितू, कनिष्का, श्रेया सिंगला अव्वल रहने वाले बच्चों को उपायुक्त अशोक गर्ग और बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता गुलशन कुमार वधवा ने प्रशंसा पत्र तथा मेडल देकर सम्मानित किया।
गोबिंद कांडा ने की विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना
श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने अपने संदेश में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गोबिंद कांडा ने कहा कि मेहनत और लग्न से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र अपने पसंदीदा क्षेत्र में करियर बनाएं और सफल होकर आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनें। हर मुकाम को हासिल करने के लिए मेहनत जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की सफलता के लिए श्री बाबा तारा कुटिया चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से बधाई दी।
स्कूल प्रिंसिपल राकेश सचदेवा ने बच्चों को दी प्रेरणा
दि सिरसा स्कूल की प्रिंसिपल राकेश सचदेवा ने मेधावी छात्रों को कहा कि आप में से कुछ ऐसे बच्चे भी होंगे, जिन्होंने पढ़ाई के लिए बड़ी कठिनाइयां झेली होंगी। आज लड़कियां लड़कों से पीछे नहीं बल्कि आगे हैं। हर क्षेत्र में लड़कियां लड़कों की बराबरी कर रही हैं। इसलिए अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए निरंतर मेहनत करते जाएं। क्योंकि कठिन परिश्रम से ही इंसान विजय हासिल करता है।

सम्मान समारोह में उपस्थित बच्चे।- फोटो : Sirsa

 

अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में दीप प्रज्जवलित करते हुए डीसी अशोक कुमार गर्ग।- फोटो : Sirsa

 

सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उपायुक्त।- फोटो : Sirsa

 

अमर उजाला भविष्य ज्योति सम्मान समारोह में मेद्यावी बच्चों को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि उपाय- फोटो : Sirsa

 

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