सिरसा। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आज के तकनीकी युग में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है और यह गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। डिजिटलाइजेशन के दौर में हर व्यक्ति इंटरनेट पर निर्भर हो गया है, जिसके चलते साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में इन जालसाजों से सावधान रहना जरूरी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यूजर्स की नासमझी और लापरवाही के कारण लोग अक्सर साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं और अपनी जीवनभर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। साइबर अपराधी अब डिजिटल अरेस्ट को नया हथियार बनाकर लोगों को ठग रहे हैं। इसके तहत वे व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ब्लैकमेलिंग करते हैं। अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर या किसी सरकारी अधिकारी जैसा बैकग्राउंड तैयार कर लोगों को भावनात्मक और मानसिक रूप से परेशान करते हैं।
महिलाएं अधिक शिकार बन रहीं
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने बताया कि घर में रहने वाली महिलाएं डिजिटल अरेस्ट का सबसे ज्यादा शिकार बन रही हैं। स्कैमर्स उन्हें आसानी से विश्वास में लेकर कहते हैं कि उनके बेटे, बेटी या पति को किसी फ्रॉड में गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें छुड़ाने के बदले पैसों की मांग करते हैं या बैंक से संबंधित जानकारी ले लेते हैं। डर के कारण महिलाएं तुरंत पैसे भेज देती हैं या बैंक डिटेल साझा कर देती हैं, जिससे साइबर ठग अपने मंसूबों में कामयाब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध या अज्ञात व्यक्ति को बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी साझा न करें। सावधानी और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।