लखवीर सिंह (24) के फाइनेंस कंपनी में कभी अच्छे दिन चल रहे थे, लेकिन बार-बार के तबादलों ने उसे परेशान रखा था।
लिहाजा अच्छी-भली नौकरी छोड़कर वह बाइक चोर गिरोह का साथी बन गया। आरोपी ने पहली वारदात को डबवाली में अंजाम दिया।
जिसमें यह अनाड़ी चोर पहली बार में ही पकड़ा गया। जिसके बाद आरोपी को बठिंडा की जेल में बंद किया गया। इस चोर का प्रॉडक्शन वारंट हासिल करके गोल बाजार पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो दिन के रिमांड पर गया आरोपी
डबवाली में कपड़े का काम करने वाले डिप्टी सरूप जैन का बाइक 22 सितंबर 2014 को राजा राम स्कूल के नजदीक स्थित जैन संस्थान के आगे खड़ी थी।
उनका ध्यान हटते ही कुछ ही देर में बाइक वहां से चोरी हो गई। इस पर कपड़ा विक्रेता की शहर थाना पुलिस को बाइक चोरी की शिकायत दर्ज कराई।
इसी दौरान पंजाब की बठिंडा पुलिस ने 14 नवंबर को बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया। इसमें कुछ युवकों को काबू किया गया।
इनमें एक आरोपी ने बठिंडा पुलिस के समक्ष डबवाली से बाइक चोरी करने की बात कबूली। जिसकी सूचना सांझा करते हुए बठिंडा पुलिस ने डबवाली पुलिस को जानकारी दी।
इस पर गोल बाजार पुलिस ने मंगलवार शाम प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी को बठिंडा पुलिस से प्राप्त कर लिया। जिसे उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत में पेश करके दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया।
गुनाह कबूला
पुलिस रिमांड पर लिए गए 24 वर्षीय लखवीर सिंह ने बताया कि वह जिला बठिंडा के गांव पिसीयाना का रहने वाला है लेकिन अब हनुमानगढ़ में किराए पर रह रहा है।
वह एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। उसकी पहली पोस्टिंग अमृतसर में, इसके बाद उसे संगरूर, फिर हिमाचल और अब जयपुर भेजने के आदेश हुए थे।
बार-बार के तबादले से परेशान होकर वह मधु मक्खी पालन का काम करने की सोच रहा था कि इसी दौरान उसकी दोस्ती गोनियाना निवासी राहुल से हुई, जो बाइक चोर गिरोह का सरगना था।
उसके बाद उसने डबवाली से 22 सितंबर को एक बाइक चुराई और अपने दोस्त राहुल को दे आया। इसी दौरान उनका गैंग बठिंडा पुलिस के हाथ चढ़ गया जिसमें वह भी पकड़ा गया। लखबीर के अनुसार उसकी यह पहली चोरी थी। जिसमें वह असफल रहा।
यूं मिली बाइक
गोल बाजार पुलिस चौकी के एसआई भूप सिंह ने बताया कि बाइक चोरी करने के बाद आरोपी व साथी बाइक को बठिंडा ले गए।
बठिंडा स्थित एक ऑटो वर्क्स पर बाइक को खड़ा करने के बाद नहीं लौटा। ऑटो वर्क्स के मालिक पूर्ण ने बाइक में मिले कागजात पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर डॉयल किया।
डॉयल नंबर बाइक मालिक डिप्टी जैन का था। ऑटो वर्क्स मालिक से बाइक खड़े होने की सूचना पाकर जैन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने पांच अक्तूबर 2014 को बाइक बरामद कर ली।
एसआई के अनुसार रिमांड अवधि के दौरान लखबीर सिंह की निशानदेही पर बाइक के कागजात व अन्य चोरियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जाएगा।