बरवाला का बवाल सिरसा रोडवेज को भी काफी भारी पड़ रहा है। बरवाला में सतलोक आश्रम से श्रद्धालुओं को बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन ले जाने के लिए रोडवेज की बसें मुहैया करवाई गई है।
पूरे प्रदेश से 120 रोडवेज की बसें अपनी सेवाएं हिसार प्रशासन के अंडर में है। सिरसा से भी 15 बसें 14 नवंबर से बरवाला गई हुई हैं।
बता दें कि रोडवेज की एक बस एक दिन में करीब 20 हजार रुपये का कारोबार करती है। कुल मिलाकर 15 बसें एक दिन में तीन लाख रुपये कमाती हैं।
इसके अलावा रोडवेज ने 15 ड्राइवर और कंडक्टरों को बरवाला भेजा हुआ है। पिछले छह दिनों से सिरसा रोडवेज की बसें हिसार में ही हैं। इन बसों को हिसार से सिरसा आने में अभी दो से तीन दिन का और समय लग सकता है।
चक्कर बढ़ाकर चला रहे काम
सिरसा रोडवेज डिपो में कोई भी अतिरिक्त बस नहीं है। सभी बसें किसी न किसी रूट पर चलती रहती है। ऐसे में सिरसा रोडवेज प्रशासन ने 15 रूटों से एक-एक बस हिसार के बरवाला भेजी थी जो पिछले छह दिनों से वहीं हैं।
रोडवेज विभाग विभिन्न रूटों पर इस कमी को पूरा करने के लिए बसों के अतिरिक्त चक्कर लगवा रही है। 15 ड्राइवरों और कंडक्टरों के बरवाला चले जाने से ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां रद की गई हैं।
जरूरी काम वालों को ही छुट्टी दी जा रही है। ड्राइवर एकस्ट्रा टाइम में भी ड्यूटी दे रहे हैं।
बहादुरगढ़ हादसे में जली सिरसा की बस
बहादुरगढ़ में छात्र की मौत के बाद हुए बवाल के कारण रोडवेज की तीन बसों को लोगों ने आग के हवाले कर दिया था। इसमें एक-एक बस सिरसा, झज्जर और रोहतक डिपो को थी।
रोडवेज की एक बस की कीमत 25 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त मंगलवार को हुए बवाल में सिरसा से दिल्ली का रूट भी प्रभावित रहा जिसके कारण रोडवेज को पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया था।
जल्दी से नहीं मिलती बसें
रोडवेज प्रशासन ने बताया कि आगजनी के दौरान या दुर्घटना होने पर डिपो को बसें मिलने में देरी होती है। अप्रैल 2007 में हुए डेरा कांड के समय सिरसा डिपों की पांच बसें जल गई थी जो अब तक सिरसा डिपों को नहीं मिली है।
इसके अलावा मंगलवार को भी सिरसा डिपों की एक और बस को बहादुरगढ़ में आग के हवाले कर दिया गया था। इन बसों को लेने के लिए प्रशासन को एक लंबी कागजी प्रक्रिया से जुड़ना पड़ता है।
इन घटनाओं से रोडवेज और प्रशासन को तो नुकसान होता ही है इसके अलावा यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अब तक 23 लाख 25 हजार का नुकसान
पिछले छह दिनों से सिरसा रोडवेज की 15 बसें बरवाला में सेवाएं दे रही हैं जिससे डिपो को तो नुकसान हो ही रहा है। इसके अलावा बहादुरगढ़ में हुई हिंसा में डिपो को एक बस जला दी गई थी।
दिल्ली और सिरसा रूट भी इस दौरान प्रभावित रहा था जिसके कारण रोडवेज को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। जब तक बसें नहीं आ जाती ये नुकसान बढ़ता ही रहेगा।
अब तक कुल मिलाकर 23 लाख 25 हजार का नकसान रोडवेज को पिछले छह दिन में हो चुका है।
सुरेश कस्वां, महाप्रबंधक, रोडवेज