किसान आंदोलन का रंग अब शादियों पर छाया हुआ दिखाई दे रहा है। रविवार को गांव नेजाडेला कलां से सिरसा पहुंची एक बरात में सभी बाराती आंदोलन के रंग में रंगे हुए नजर आए। दूल्हे की गाड़ी सहित बरातियों की गाड़ियों में किसान एकता का झंडा लगा हुआ था। साथ ही बरातियों ने अपने कपड़ों पर किसान आंदोलन के बैज लगा हुए थे। यही नहीं बरातियों ने शादी में किसान एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
बता दें कि रविवार को दूल्हा बना गांव नेजाडेला कलां निवासी अंकुश किसान आंदोलन को समर्थन करता है। शादी को भी किसान आंदोलन को समर्पित करने के लिए दूल्हे ने सभी बरातियों के कपड़ों पर किसान आंदोलन के समर्थन वाले बैज लगवा दिए। दूल्हे अंकुश की शादी खैरेकां निवासी युवती से हुई है। दूल्हे अंकुश ने बताया कि वह शुरू से ही किसान आंदोलन के समर्थन में है। जिसके चलते उसने अपनी शादी को भी किसान आंदोलन से जोड़ने का फैसला लिया। अंकुश के मुताबिक आंदोलन में किसानों की जीत अवश्य होगी।
पिता की दिल्ली रामलीला मैदान में हुई थी गिरफ्तारी
दूल्हे के पिता इकबाल सिंह ने बताया कि कृषि कानूनों के विरोध में वह 25 दिसंबर को सबसे पहले दिल्ली रामलीला में मैदान में पहुंचे थे। लेकिन उनके अन्य साथियों को पुलिस ने बाहर ही रोक लिया और उनके साथ रामलीला मैदान में उपस्थित सभी किसानों को गिरफ्तार कर लिया था। तब से ही वह टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं। शादी के चलते वह बीते चार दिन पहले ही दिल्ली से घर वापस लौटे हैं।
सगाई समारोह में लहरे किसान आंदोलन के झंडे
उधर रविवार को जट्ट भाईचारा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संत प्रकाश सिंह के बेटे फतेहजीत सिंह और अमनजीत कौर की सगाई की रस्म भी किसान आंदोलन में रंगी नजर आई। यहां दोनों परिवारों के सदस्य किसान आंदोलन झंडे लेकर कार्यक्रम में उपस्थित हुए। सभी सदस्यों ने अपने हाथों में झंडा लेकर बच्चों को आशीर्वाद दिया। पूरा हॉल किसान आंदोलन के झंडों व किसान आंदोलन से जुड़े गीतों से गूंज उठा। जट्ट भाईचारा वेलफेयर एसोसिएशन प्रधान संत प्रकाश सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन अब किसी भी हालात में खत्म नहीं होगा।
इस अवसर पर भारतीय किसान एकता संगठन के नेता लखविंद्र सिंह, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान हरदीप सरकारिया, दर्शन सिंह, गुरतेज सिंह, जीत सिंह, बलविंदर सिंह धर्मेंद्र सिंह, सुखजिंदर सिंह, जसजीत सिंह, हरदेव सिंह, लखविंदर सिंह औलख, बचन सिंह ढींढसा उपस्थित रहे।