सिरसा। अधिवक्ता अमित सिहाग के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में सिरसा बार एसोसिएशन की ओर से बुधवार दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी गई। एसोसिएशन की मांग है कि दर्ज एफआईआर रद्द की जाए और नगर योजनाकार विभाग के जूनियर इंजीनियर अभिषेक पर कार्रवाई की जाए।
हड़ताल के चलते कोई भी बार सदस्य न्यायालय में पेश नहीं हुआ। एसोसिएशन प्रधान गंगाराम ढाका का कहना है कि जब तक एफआईआर रद्द नहीं होती हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, जूनियर इंजीनियर अभिषेक कुमार का कहना है कि 29 जुलाई 2025 को वे नेशनल हाईवे 9 पर पहुंचे और दयावंती पत्नी अमीचंद निवासी गांव मोरीवाला की जमीन पर अवैध निर्माण गिराने का सरकारी आदेश चस्पा करने लगे।
इसी दौरान दयावंती का पुत्र अमित सिहाग दो मजदूरों को लेकर आया। अभिषेक कुमार ने बताया कि अमित सिहाग ने सरकारी आदेश की तीन प्रतियां फाड़ दी और उसके साथ अभद्र व्यवहार करने लगा। 16 जुलाई को जिला नगर योजनाकार कार्यालय सिरसा ने दयावंती को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 28 जुलाई को अवैध निर्माण गिराने का आदेश पारित किया गया। इसी आदेश की प्रतियां वह अवैध निर्माण पर चस्पा करने गया था। इसके बाद डिंग थाने में आरोपी अमित सिहाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
जेई के आरोप झूठे : अमित सिहाग
इधर, अधिवक्ता अमित सिहाग का कहना है कि जेई का आरोप झूठा है। उनकी ओर से मोरीवाला के पास किए गए निर्माण की जांच करने के लिए नगर योजनाकार विभाग का जेई पहुंचा था। गेट पर ताला लगा होने के कारण जेई ने गेट पर नोटिस चस्पा करने की बजाय दीवार फांद कर अंदर प्रवेश किया और अंदर वीडियोग्राफी करने लगा। इसी दौरान वे मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अंदर किसी अज्ञात शख्स के होने के शक के चलते 112 पर कॉल करके पुलिस को मौके पर बुलाया। बाद में पता चला कि उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज हो गई।