यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले बैंकर्स प्रदर्शन करते हुए।
सिरसा। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह व नई भर्ती की मांग को लेकर हजारों बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशभर के विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय, जोनल और प्रधान कार्यालयों के सामने प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में ग्राहक सेवा और कर्मचारी कल्याण दोनों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रमुख मांगों पर प्रकाश डाला गया।
यूनियनों की एक मुख्य मांग बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की शुरूआत है। यूनियन नेताओं एसबीआई से रीजनल सचिव सुभाष गुंबर, चंचल कुमार, पीएनबी से अशोक कंबोज, सुरेंद्र कुमार, स्टाफ यूनियन से सुरक्षित गर्ग ने बताया कि मार्च 2024 के द्विपक्षीय समझौते और संयुक्त नोट के दौरान, भारतीय बैंक संघ (आईबीए) और यूनियनों ने 5 दिवसीय सप्ताह को लागू करने के लिए एक समझौता किया और एक औपचारिक सिफारिश को मंजूरी के लिए सरकार को भेज दिया गया। हालांकि, लगभग एक साल बीत चुका है और सरकार ने अभी तक इस बदलाव को अधिसूचित नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि 24 घंटे डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले से ही उपलब्ध हैं और अधिकांश सरकारी और कॉर्पोरेट कार्यालय सप्ताह में पांच दिन काम करते हैं। इसलिए बैंकिंग क्षेत्र में इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। इससे ग्राहक सेवा और उत्पादकता में बढ़ोतरी ही होगी। यह प्रदर्शन एक व्यापक आंदोलन कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें 3 मार्च को दिल्ली में धरना और 24 और 25 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल शामिल है। यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आने वाले हफ्तों में अपने विरोध प्रदर्शन को तेज करेंगे।