प्लाट को सील करते ओबीसी बैंक अधिकारी।
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गांव कालांवाली के एक उपभोक्ता ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कामर्स का लोन नहीं चुकाया तो बैंक ने प्रशासन के सहयोग से डिफाल्टर उपभोक्ता के चारदीवारी किए हुए प्लाट को सील कर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राम निवास की देखरेख में भारी पुलिस बल के साथ बैंक अधिकारियों ने उपमंडल कार्यालय के बिल्कुल पीछे स्थित बैंक उपभोक्ता के प्लाट को ताला लगाकर सील कर दिया। इस मौके पर ओबीसी बैंक के चीफ जसवंत गोदारा, शाखा कालांवाली के मैनेजर सुरेंद्र सिंह, एरिया मैनेजर हितेंद्र कुमार, एएए केपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नई दिल्ली के अधिकारी, ट्रैफिक इंचार्ज शकरूधीन खान, रामफल सहित पुलिसकर्मी मौजूद थे। ओबीसी बैंक के चीफ मैनेजर जसवंत गोदारा व शाखा कालांवाली के मैनेजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कालांवाली की अनाज मंडी में आढ़त की दुकान करने वाले गांव कालांवाली के एक उपभोक्ता ने वर्ष 2013 में अपनी दुकान के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का लोन लिया था। जिसमें से लगभग 39 लाख 63 हजार 645 रुपये न चुकाने पर बैंक ने पहले ही उपभोक्ता को डिफाल्टर घोषित कर दिया था। जिस पर बैंक की ओर से कब्जा छुड़वाने वाली कंपनी एएए कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कपंनी नई दिल्ली के सहयोग से कार्रवाई की गई। बैंक ने डिफाल्टर उपभोक्ता पर कार्रवाई करते हुए टीम ने एक कमरा बने प्लाट व चारदीवारी करके लगाए गए गेट पर ताला जड़ दिया और प्लाट को सील कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने प्लाट मालिक को नोटिस भी दिया था लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं करवाई। इसके चलते बैंक की ओर से उक्त कार्रवाई अमल में लाई गई।