फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक अधिकारी से मिलीभगत करके लाखों का आर्थिक नुकसान पहुंचाने के मामले में अदालत ने सांगवान चौक स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा के प्रबंधक नवनीत कंबोज सहित पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश सदर पुलिस को दिए हैं।
अदालत ने फरवरी 2014 में गांव सिकंदपुर निवासी शमशेर सिंह पुत्र बाबू सिंह की ओर से अदालत में दायर इस्तगासे पर फैसला सुनाते हुए आदेश सदर थाना प्रभारी को दिए हैं।
आदेशों में थाना प्रभारी को कहा गया है कि डबवाली रोड स्थित सुजीत मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराइटर श्रवण सिंह, हिसार एनएच नंबर नौ स्थित सुजीत मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रदीप नेहरा, गांव केहरवाला निवासी राधेश्याम, सांगवान चौक स्थित एचडीएफसी बैंक ब्रांच मैनेजर नवनीत कंबोज और बैंक एजेंट नसीब के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
गांव सिकंदरपुर निवासी शमशेर सिंह ने पांच अप्रैल 2013 को डबवाली रोड स्थित सुजीत मोटर्स से एक गाड़ी लेने के लिए 20 हजार रुपये प्रोपराइटर को दिए। इसके बाद 7 अप्रैल को सात लाख 25 हजार रुपये दिए।
श्रवण ने एचडीएफसी बैंक के एजेंट नसीब, ब्रांच मैनेजर नवनीत कंबोज के साथ मिलकर बैंक से गाड़ी पर लाखों रुपये का लोन शमशेर सिंह के नाम से लेकर हड़प लिया। सुजीत मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड का प्रदीप नेहरा व गांव केहरवाला निवासी राधेश्याम भी इसमें शामिल थे।
शमशेर सिंह ने सदर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद अदालत में इस्तगासा दायर किया गया। न्यायाधीश पवन कुमार ने फैसला सुनाते हुए सदर थाना पुलिस को श्रवण सिंह, प्रदीप नेहरा, राधेश्याम, मैनेजर नवनीत कंबोज व एजेंट नसीब के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया।