गांव कागदाना निवासी ओमप्रकाश पुत्र हरफूल कोऑपरेटिव बैंक कागदाना में बतौर कैशियर काम करता है। 3 जुलाई 2013 को कैशियर ओमप्रकाश बैंक से पांच लाख रुपये की राशि लेकर सुरक्षा गार्ड सुलतान के साथ बाइक पर सवार होकर नेजिया आ रहा था। नेजिया के पास से सफेद रंग की कार उनके पीछे लग गई। ओमप्रकाश ने बाइक तेज गति से चलाने का प्रयास किया तो कार सवार युवकों ने कार से बाइक को टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही कैशियर ओमप्रकाश व गार्ड सुलतान सड़क पर गिर गए। कार में से पांच युवक उतरे और गार्ड सुलतान की बंदूक छीन ली। इसके बाद बंदूक के बल पर लुटेरों ने ओमप्रकाश से रुपयों से भरा बैग छीन लिया। लुटेरे वारदात को अंजाम देकर चौपटा की तरफ भाग गए। घायल ओमप्रकाश ने वारदात की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद पूरे चौपटा क्षेत्र व राजस्थान सीमा पर नाकाबंदी कर दी गई।
चौपटा थाना प्रभारी घटना स्थल पर पहुंचे और कैशियर ओमप्रकाश से घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने वारदात की गुत्थी सुलझाते हुए डिंग निवासी तेजपाल, घुकांवाली निवासी गुरप्रीत सिंह, शाहपुरिया निवासी विजय कुमार, नरेश कुमार व तरकावाली निवानी भजन लाल को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। अदालत ने 370 दिनों में केस का निपटारा करते हुए पांचों लुटेरों को दोषी करार देकर सात-सात साल की कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने तेजपाल को शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी करार दिया है।