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डीएसपी और इंस्पेक्टर सहित 14 पुलिस वालों के खिलाफ जमानती या गैर जमानती वारंट जारी

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सिरसा। न्यायिक दंडाधिकारी सोनल गुप्ता ने अदालत में निर्धारित तिथि पर केसों की सुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों के पेश नहीं होने पर सख्त रवैया अपनाया है। अदालत ने शुक्रवार को डीएसपी और इंस्पेक्टर सहित 14 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किए।
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अदालत ने डीएसपी आर्यन चौधरी के खिलाफ जमानती वारंट और इंस्पेक्टर बलवंत सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए। डीएसपी आर्यन चौधरी इस समय भिवानी जिले में तैनात हैं। अदालत ने उन्हें वारंट जारी कर पांच दिसंबर को पेश होने का आदेश दिया है। वहीं, इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को छह दिसंबर को तलब किया है। इसी प्रकार सब इंस्पेक्टर राजकुमार के खिलाफ भी जमानती वारंट जारी किए गए हैं। उन्हें 16 नवंबर को पेश होने को कहा गया है। सब इंस्पेक्टर राजकुमार सिविल लाइन थाना में दर्ज एफआईआर नंबर दो में जांच अधिकारी हैं। इसके अलावा हवलदार कुलदीप, अवतार, इकबाल, ईएचसी सुरेश कुमार, एएसआई रतन सिंह के खिलाफ कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किए हैं। इन्हें समन जारी कर गवाही देने के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हो रहे। संवाद
इनके खिलाफ गैर जमानती वारंट
वहीं, शहर थाना में दर्ज एफआईआर 26 में न्यायालय ने हवलदार राजेश, ईएचसी चंद्रप्रकाश व हवलदार निर्मल सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। थाना डिंग में दर्ज एफआईआर 128 में जांच अधिकारी हवलदार सुरेश कुमार के खिलाफ भी गैरजमानती वारंट जारी हुए हैं। अदालत ने पुलिसकर्मियों के इस रवैये को गैर जिम्मेदाराना बताया है।
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वारंट जारी होना सामान्य प्रक्रिया : एसपी
इस बारे में पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन ने कहा कि वारंट जारी होना सामान्य प्रक्रिया है। पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी कभी चुनाव में तो कभी कानून व्यवस्था को संभालने में लगती रहती है। कभी तो जिस दिन कोर्ट में गवाही पर जाना होता है तो थाना क्षेत्र में कोई घटना हो जाती है। इस कारण भी जांच अधिकारी कोर्ट में पेश नहीं हो पाते। कोर्ट के आदेश का पालन हर पुलिस अधिकारी करना चाहता है।
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