फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: लघु सचिवालय के ट्रैफिक पार्क व ई-ब्लॉक के रोहित पार्क की हालत खस्ता, झूले-बेंच टूटे, अंधेरे में डूबा पार्क

Mon, 09 Mar 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
 ई ब्लॉक ​स्थित रोहित पार्क में टूटे पड़े बच्चों के ​लिए बनाए गए ए​​क्टिविटी झूले। संवाद
विज्ञापन
जनसमस्या::
विज्ञापन



बैठने के लिए बनाए गए बेंच पड़े हैं टूटे, बच्चों के झूले भी टूटे पड़े


- पार्क में हरी घास सूख चुकी है, चार से पांच वार्डों को लगता है पार्क

-रात को पार्क में पसरा रहता है अंधेरा, एक भी लाइट भी जलती



- दूसरी ओर ई ब्लॉक स्थित रोहित पार्क की हालत भी खस्ता

- पार्क में लगे झूले टूटे पड़े है, वहीं बैठने के लिए बनाए गए बेंच टूटे पड़े हैं



- घास सूखी पड़ी है, बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है

फोटो- 18 से 22



संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। शहर में लोगों के घूमने-फिरने और बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए पार्कों की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। लघु सचिवालय में स्थित ट्रैफिक पार्क और ई-ब्लॉक स्थित रोहित पार्क की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। पार्कों में लगे झूले टूटे पड़े हैं, बैठने के लिए बनाए गए बेंच क्षतिग्रस्त हैं। हरी घास भी पूरी तरह सूख चुकी है। ऐसे में यहां आने वाले लोगों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।



लघु सचिवालय में बना ट्रैफिक पार्क कभी आसपास के क्षेत्रों के लोगों और बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब इसकी हालत खस्ता हो चुकी है। पार्क में बैठने के लिए लगाए गए कई बेंच टूट चुके हैं। कई जगहों पर बेंच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोगों को बैठने में दिक्कत होती है। वहीं, बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले भी टूटे पड़े हैं, जिसके कारण बच्चे चाहकर भी यहां खेल नहीं पाते।
विज्ञापन


पार्क में लगी हरी घास भी अब सूख चुकी है। जहां पहले हरी-भरी घास और पेड़-पौधे पार्क की सुंदरता बढ़ाते थे, वहीं अब सूखी घास और गंदगी का माहौल दिखाई देता है। पार्क की नियमित देखभाल नहीं होने के कारण इसकी हालत लगातार खराब होती जा रही है।



वार्डवासी सुमन, रोशनी, सुरेंद्र, पूनम व अन्य ने कहा कि इस ट्रैफिक पार्क से चार से पांच वार्डों के लोग जुड़े हुए हैं और यहां बड़ी संख्या में लोग सुबह-शाम टहलने और बच्चों को खेलने के लिए लेकर आते थे। लेकिन अब सुविधाओं की कमी के कारण लोगों का आना कम हो गया है।

रात को रहता है ट्रैफिक पार्क में अंधेरा



सबसे बड़ी समस्या यह है कि पार्क में रात के समय पूरी तरह अंधेरा पसरा रहता है। पार्क में लगी स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं और एक भी लाइट नहीं जलती। ऐसे में रात के समय यहां आना-जाना भी मुश्किल हो जाता है। अंधेरा होने के कारण कई बार असामाजिक तत्वों के इकट्ठा होने की आशंका भी बनी रहती है, जिससे आसपास के लोगों में चिंता का माहौल है।

रोहत पार्क की स्थिति भी दयनीय



इसी तरह ई-ब्लॉक में स्थित रोहित पार्क की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। यहां भी पार्क की हालत खस्ता हो चुकी है। पार्क में बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूले टूटे पड़े हैं और उनकी मरम्मत नहीं करवाई गई है। झूलों के खराब होने से बच्चे यहां खेल नहीं पाते और उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। रोहित पार्क में बैठने के लिए बनाए गए बेंच भी टूट चुके हैं। कई जगहों पर बेंच पूरी तरह खराब हो गए हैं, जिससे पार्क में आने वाले लोगों को बैठने की सुविधा नहीं मिल पाती। बुजुर्ग और महिलाएं अक्सर पार्क में बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं, लेकिन बेंच खराब होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन


देखभाल के अभाव में चारों तरफ गंदगी के अंबार



पार्क में लगी घास भी पूरी तरह सूख चुकी है। देखभाल के अभाव में पार्क की हरियाली खत्म होती जा रही है। इसके अलावा, पार्क में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी लगा रहता है। कई बार पशु पार्क में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाते हैं, जिससे पार्क का वातावरण खराब हो जाता है। रोहित कुमार, सुदंर लाल, राज कुमार, विमला देवी व अन्य ने कहा कि पार्कों की नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। कई बार संबंधित विभाग को इस बारे में अवगत भी कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों ने मांग की है कि शहर के इन पार्कों की जल्द मरम्मत करवाई जाए। टूटे हुए झूलों और बेंचों को ठीक करवाया जाए, पार्क में नई घास लगाई जाए और रात के समय रोशनी की व्यवस्था की जाए। साथ ही पार्कों में बेसहारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए भी उचित कदम उठाए जाएं, ताकि लोग और बच्चे सुरक्षित तरीके से पार्क का उपयोग कर सकें।

वर्जन



लघु सचिवालय स्थित ट्रैफिक पार्क का 2 लाख रुपये का टेंडर लग चुका है। जल्द ही पार्क में कार्य करवाए जाएंगे।

- नरेश कुमार, नगर परिषद सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें