सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के हेल्थ सेंटर की ओर से मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘निक्षय मित्र’ पहल की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने शिरकत की। कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन के लिए केवल स्वास्थ्य सेवाएं ही पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक सहयोग और जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर नियमित जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थी समाज में संदेशवाहक बन सकें। उन्होंने कहा कि समाज का हर व्यक्ति यदि अपनी भूमिका निभाए तो देश को टीबी मुक्त बनाना संभव है। हमें इसे एक सामाजिक आंदोलन के रूप में अपनाना होगा। कार्यक्रम में विवि की मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैफाली, कुलसचिव प्रोफेसर अशोक शर्मा, प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
टीबी रोगियों की देखभाल करना योजना का उद्देश्य : डॉ. प्रतीक
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने कहा कि निक्षय मित्र योजना का उद्देश्य टीबी रोगियों की देखभाल करना है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक को रोगियों की मदद करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता एवं पोषण उपलब्ध कराया जा सकेगा। हम सभी को मिलकर इस मुहिम को सफल बनाना है। मुख्य वक्ता डॉ. प्रतीक ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और शिक्षक यदि इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएं, तो यह लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने टीबी के विभिन्न लक्षणों व उपचार पर विस्तृत जानकारी सांझा की।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने कहा कि निक्षय मित्र योजना का उद्देश्य टीबी रोगियों की देखभाल करना है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक को रोगियों की मदद करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता एवं पोषण उपलब्ध कराया जा सकेगा। हम सभी को मिलकर इस मुहिम को सफल बनाना है। मुख्य वक्ता डॉ. प्रतीक ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य लेकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और शिक्षक यदि इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाएं, तो यह लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने टीबी के विभिन्न लक्षणों व उपचार पर विस्तृत जानकारी सांझा की।