सिरसा। जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के पुलिस लाइन में एचआईवी और नशे के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में 300 के करीब पुलिस कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में एचआईवी के प्रति फैली भ्रांतियों व नशे की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से पुलिस कर्मियों को जागरूक किया गया है।
कार्यक्रम में एचआईवी विभाग की ओर से काउंसलर कमल निर्वाण ने बताया कि एक दिसंबर से 30 दिसंबर तक जिले के विभिन्न संस्थानों में एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी के चलते सोमवार को जिला पुलिस लाइन में पुलिस जवानों को एचआईवी के प्रति फैली भ्रांतियां, कारण व लक्षण व इसके उपचार के बारे में जागरूक किया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से एचआईवी संक्रमितों को प्रोत्साहन राशि के तौर पर 2250 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं, ताकि एचआईवी संक्रमित अस्पताल से फ्री दवा के साथ प्रोत्साहन राशि से अपना पौष्टिक आहार ले सकें। इसी प्रकार जिले में बढ़ते नशे पर रोक लगाने व नशे की गर्त में पड़ने के कारण इसके दुष्परिणामों एवं दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर के अंतिम पड़ाव में उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को एड्स एवं नशामुक्त भारत की शपथ दिलवाई गई।
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नशा और संक्रमित सिरिंज प्रमुख कारण
जिले में एचआईवी संक्रमण बढ़ने का मुख्य कारण नशा है। विशेष रूप से नशे के आदी युवक और युवा एक ही संक्रमित सिरिंज का उपयोग करते हैं, जिससे संक्रमण फैलता है।
ऐसे फैलता है एचआईवी संक्रमण
- असुरक्षित यौन संबंध बनाने से
- संक्रमित सिरिंज के इस्तेमाल से
- एचआईवी संक्रमित खून उत्पाद चढ़ने से
- एचआईवी संक्रमित मां से उसके होने वाले बच्चे को
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एचआईवी के लक्षण
- शरीर का वजन गिरना
- बार बार बुखार का आना
- निजी अंगों के आसपास फीस फुंसी
- डायरिया का होना
- कुछ भी निगलने में परेशानी
एचआईवी के प्रति भ्रांतियां
- एचआईवी किसी भी व्यक्ति के साथ उठने
- बैठने, एक साथ खाना खाने
- एक बिस्तर, स्नानघर,
- गले मिलने से नहीं फैलता है।