संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आशा वर्कर्स ने सोमवार को उप मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर दिया। वर्कर्स ने थाली बजाकर सरकार का विरोध किया। प्रदर्शनकारी मंत्री को मांग पत्र सौंपने की जिद्द पर अड़ गईं और धरना देकर बैठ गई। करीब एक घंटे बाद वर्कर्स ने एसडीएम राजेंद्र सिंह को उप मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र सौंपा।
मांगों को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठीं आशा वर्कर्स ने दोपहर एक बजे डिप्टी सीएम आवास की तरफ रूख किया। डिप्टी सीएम की अनुपस्थिति में प्रतिनिधि ने ज्ञापन लेने के लिए आए, लेकिन कर्मचारी डिप्टी सीएम को ही ज्ञापन देने की मांग पर अड़ी रहीं। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन देेने पर सहमति बनी। जिला प्रधान दर्शना व कलावती माखोसरानी ने बताया कि सोमवार को धरने का 34वां दिन है। उनका मानदेय 2018 के बाद नहीं बढ़ाया गया है, परंतु काम पांच गुना बढ़ा दिया गया है। सरकार की इस नीति से वर्कर्स में बहुत ज्यादा रोष है। सोमवार को किसानों ने भी आशा वर्कर्स के धरने को समर्थन दिया। यूनियन की नेता शिमला, पिंकी ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार आशा वर्कर्स की मांग मानने के बजाय गुंडागर्दी पर उतारू है। सरकार कहती है कि आम जनता को हड़ताल के कारण कोई नुकसान नहीं हो रहा है, जबकि जब से आशा वर्कर्स हड़ताल पर आई हैं, तब से सभी कार्य बंद पड़े हुए हैं। स्टेट कमेटी ने निर्णय पर 27 सितंबर तक हड़ताल बढ़ाई गई है। मंच का संचालन सुलोचना व उषा ने किया। इस अवसर पर प्रवीन, पिंकी, मीनाक्षी, आशा रानी, सीटू के प्रधान कृपा शंकर त्रिपाठी, विजय उपस्थित रहे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगे :
आशाओं को न्यूनतम वेतन 26000 दिया जाए और आशाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। आशाओं की रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष की जाए।