महक को आर्शिवाद देते परिवार के सदस्य।
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इसरो द्वारा देश भर में आयोजित की गई इसरो साइबर स्पेस प्रतियोगिता में चत्तरगढ़पट्टी की महक ने 61वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं इस कड़ी में महक ने कभी भी ट्यूशन की कक्षाएं नहीं ली। इस परीक्षा के लिए देश भर 2 लाख 4 हजार 631 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। महक पूरे जिले में पहली ऐसी छात्रा है जिसने 61वीं रैंक हासिल की है। महक की इस उपलब्धि में उसकी मां और नाना-नानी का सहयोग सराहनीय रहा है। वहीं महक ने बिना किसी किताबों के सोशल मीडिया से ही पूरी जानकारी ली और पढ़ाई की है। महक भविष्य में अंतरिक्ष में यात्रा करना चाहती है। एयरफोर्स स्थित केंद्रीय विद्यालय संख्या 1 में महक 12वीं कक्षा की छात्रा है। बुधवार को प्रतियोगिता का परिणाम आने के बाद महक को जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो परिवार में खुशी का माहौल बन गया। महक की माता सीमा रानी आशा वर्कर हैं। प्रतियोगिता में बेहतरीन स्थान प्राप्त होने के बाद रिश्तेदारों और स्कूल शिक्षकों ने भी फोन से बधाई देनी शुरू कर दी।
मोबाइल को बनाया पढ़ाई का जरिया
महक का अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना है। सपने को साकार करने के लिए किताबों, इसरो एप और सोशल साइटों से तैयारी कर रही है। दिन में 6 घंटे पढ़ाई करती है। वहीं इसके अलावा महक दूसरी भाषाओं पर भी अपनी पढ़ाई कर रही है। महक ने सोशल मीडिया द्वारा जर्मन भाषा सीख ली है।