मांगों को लेकर डिप्टी सीएमओं डॉ. प्रदीप कुमार को मांग पत्र सौंपती आशा वर्कर्स।
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वेतन कटने के विरोध में आशा वर्कर्स ने रोष प्रकट करते हुए डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद शर्मा को मांग पत्र सौंपा। वहीं आशा वर्कर्स से पूरा दिए वेतन दिए जाने की मांग भी उठाई।
वीरवार को आशा वर्कर्स प्रधान कलावती माखोसरानी व जिला सचिव सिलोचना की अध्यक्षता नागरिक अस्पताल पहुंची। वहीं जिला प्रधान ने बताया कि अगस्त माह में वेतन बढ़ोतरी को लेकर आशाओं ने धरना किया था, जोकि दो माह तक चला था। कोविड-19 के दौरान भी आशाओं ने वेतन न मिलने के बावजूद जान जोखिम में डालकर कार्य किया, लेकिन बावजूद विभाग की ओर से वेतन बढ़ाने की बजाय काट लिया गया, जोकि आशाओं के साथ अन्याय हैं। उन्होंने बताया कि उनका गुजारा ही वेतन से चलता है, ऐसे में वेतन काटने से उनके सामने परिवार की गुजर बसर की भी समस्या खड़ी हो गई है। वहीं उन्होंने कहा कि अगर वेतन जारी नहीं किया गया तो आशा वर्कर्स फिर से आंदोलन को मजबूर होंगी, जिसकी जिम्मेदारी विभाग व सरकार की होगी।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
आशाओं के रिकॉर्ड चेक करने के नाम पर आशा वर्कर एवं यूनियन की लीडर्स को प्रताड़ित करने एवं रिकवरी करने के लिए परेशान किया जाता है। कोविड की वैक्सीन लगने से मौत हुई पानीपत की आशा वर्कर्स कविता के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। आठ एक्टिविटी का काटा गया 50 प्रतिशत भी तुरंत वापस लागू किया जाए। 4000 रुपये जोखिम भत्ता दिया जाए। कोविड के लिए दिए जा रहे एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत दिया जाए।