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Sirsa News: चुनाव निकलते ही जनता के मुद्दों और वादों को भूल रहे नेता

Wed, 25 Sep 2024 04:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। विधानसभा चुनाव को लेकर गांवों ही नहीं अब शहरों में भी लोगों में चर्चाओं का दौर जारी है। आम से लेकर खास लोग भी इस पर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। कोई बड़े उद्योग की बात कर रहा है, तो कोई शहर में बढ़ रहे नशे व शहर में जननिकासी की सुविधा न होने की बात कह रहा है।
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शहर में चर्चाओं के इस दौर में हम भी शामिल हुए। शहर के लायंस क्लब के रमेश साहुवाला के घर पर इसी बात की चर्चा हो रही थी। यहां पर शहर के अनेक प्रबुद्ध लोग मौजूद थे। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए मौजूद लैब टेक्निशियन राजेश कुमार ने कहा कि वोट का अधिकार सभी का है, लेकिन वोट देने के लिए पहले लोगों को यह तय करना होगा कि कौन हलके का विकास कर सकता है। शहर में समस्याओं का अंबार है। गलियां व सड़कें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। ऐसे में किस पर भरोसा जताएं, यह देखना आम जनता का काम है।
यहीं पर मौजूद सीएम रितुन साहुवाला ने कहा कि हम सुनते आ रहे हैं कि विकास होगा, लेकिन कहां विकास हुआ है। जिले के लोग नशे के चंगूल में फंसे हुए हैं। युवा बेरोजगार हो चुका है, उसके पास रोजगार नहीं है। यही कारण है कि क्षेत्र में चोरी व लूट की घटनाएं बढ़ी हैं। राजनेता केवल मात्र अपना सिटा सेंकने के लिए आ जाते हैं, लेकिन इन मुद्दों पर उनका कोई ध्यान नहीं रहता। चुनाव निकलते ही वे जनता के मुद्दों और अपने वादों को भूल जाते हैं।
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चर्चा के दौरान योगेश चौधरी बोले कि अब जनता को जागरूक हो जाना चाहिए। हमें ऐसा विधायक नहीं चाहिए, जो केवल पैसा या फिर दिखावा करता है। जमीन से जुड़े व्यक्ति को पहचानना होगा और उसी को चुनना होगा। आज ना तो शिक्षा हमारे यहां अच्छी है और ना ही युवाओं के लिए कोई संसाधन।
लायंस क्लब के रमेश साहुवाला ने कहा कि आप सभी की बात सही है, सिरसा जिला प्रदेश में सबसे बड़े जिलों में शुमार है, लेकिन संसाधनों के मामले में काफी पिछड़ गया है। नरमा व कपास का हब कहलाने वाले इस जिले में कहीं भी टेक्सटाइल मिल नहीं बनी। फूड प्रोसेसिंग प्लांट नहीं बना।
शिक्षाविद रिखिल नागपाल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की उम्मीद होती है अच्छी शिक्षा, लेकिन शिक्षा का जो पैमाना होना चाहिए, वह यहां पर नहीं है। जिस कारण बच्चों को वह शिक्षा नहीं मिल पा रही, जो उसे स्वावलंबी बनाए। बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले तो वह एक बड़े मुकाम पर पहुंच सकते हैं।
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