जिले में बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष नरमे के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष 19 अक्तूबर तक जिले में तीन लाख 48 हजार क्विंटल की आवक मंडियों में हो चुकी है, जोकि बीते वर्ष मुकाबले दो लाख क्विंटल से अधिक है। बीते वर्ष 19 अक्तूबर तक एक लाख 38 हजार क्विंटल के करीब नरमे की आवक हुई थी।
जिले में बीते वर्ष नरमे की फसल तैयार होने के बाद बारिश से काफी फसल खराब हो गई थी। इसके कारण कई किसानों को पानी में ही नरमे की जोताई करनी पड़ी थी और रबी की फसल की बिजाई के लिए उसे खाली छोड़ना पड़ा था। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि जिन किसानों की फसल बारिश से बच गई थी, वह भी गुलाबी सुंडी के कारण पूरी तरह से चोपट हो गई। जिले में इस वर्ष एक लाख 5 हजार 980 हैक्टेयर में धान की रोपाई की गई है, जबकि एक लाख 99 हजार 289 हैक्टेयर में नरमे की बिजाई की गई है। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष नरमे की बिजाई के हैक्टेयर में भी कुछ कमी आई है। लेकिन फिर भी उत्पादन काफी अधिक है।
गुलाबी सुंडी के प्रभाव से खराब हो रही है फसल, रबी की फसल के लिए तैयारी में जुटे किसान
जिले में इस वर्ष भी कई क्षेत्रों में नरमे की फसल को गुलाबी सुंडी ने प्रभावित किया है। इसके कारण नरमे की गुणवत्ता में कुछ कमी भी देखने को मिल रही है। सुंडी के कारण नरमा भी पीला पड़ रहा है। इसके मंडी में भाव भी अन्य नरमे की मुकाबले कम मिल रहे हैं। फिर भी किसानों को बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष कुछ राहत मिली है।
सीसीआई भी कर रहा है नरमे की खरीद
अच्छी गुणवत्ता वाले नरमे की उपज को व्यापारी एमएसपी से अधिक भाव पर खरीद रहे है। लेकिन गुलाबी सुंडी और पानी की कमी के कारण प्रभावित हुई नरमे की उपज को व्यापारी एमएसपी से कम दामों पर खरीद रहे हैं। ऐसे किसानों को राहत देने के लिए सीसीआई ने खरीद शुरू की है। सीसीआई की ओर से भी नियमों के अनुसार नमी और लंबाई जांचने के बाद ही खरीद की जा रही है। किसानों को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इसके लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य है। सीसीआई की तरफ से खरीद किए गए नरमे की राशि सीधा किसान के खाते में पहुंचेगी।
नरमे की खरीद लगातार जारी है। निजी व्यापारियों की ओर से अधिक खरीद की जा रही है। मंडी में उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा।
- वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी, सिरसा।