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Sirsa News: अर्पिता ने तय किया गांव से राज्यस्तर का सफर

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सिरसा।​हैडबॉल् ​​खिलाड़ी अर्पिता । कोच
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सिरसा। गांव फतेहपुरिया नियामत खां की रहने वाली 18 वर्षीय अर्पिता आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही हैं। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर खेल के मैदान में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन अर्पिता ने मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग से यह साबित कर दिखाया है कि मजबूत इरादों के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
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अर्पिता ने छठी कक्षा से ही हैंडबाल खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआती दिनों में यह खेल उनके लिए केवल एक रुचि था, लेकिन धीरे-धीरे यह जुनून में बदल गया। स्कूल स्तर से आगे बढ़ते हुए उन्होंने जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। निरंतर अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन के चलते अर्पिता को 12 राज्यस्तरीय हैंडबाल चैंपियनशिप में भाग लेने का अवसर मिला। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने दो बार रजत पदक जीतकर अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया।

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पिता के सहयोग से मुकाम किया हासिल

राज्य स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद अर्पिता ने राष्ट्रीय स्तर की हैंडबाल चैंपियनशिप में भी भाग लिया। उनके हैंडबॉल कोच संदीप गुच्छा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोच ने न केवल तकनीकी रूप से उन्हें मजबूत बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाया। वहीं, अर्पिता के पिता रामकुमार का सहयोग उनकी सफलता की सबसे बड़ी नींव रहा है। अर्पिता ने बताया कि पिता के निरंतर समर्थन और प्रोत्साहन के बिना यह सब संभव नहीं हो पाता। हर अभ्यास, हर प्रतियोगिता में पिता का हौसला उनके आत्मविश्वास को और मजबूत करता रहा।
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दिन में छह घंटे करती हैं अभ्यास

अर्पिता खेल ग्राउंड में नियमित रूप से अभ्यास करती हैं, जहां सुबह-शाम कठिन ट्रेनिंग के जरिए वह अपने खेल को निखारती हैं। खेल के साथ-साथ अर्पिता पढ़ाई को भी उतना ही महत्व देती हैं। उनका सपना एक दिन पुलिस अधिकारी बनना है, ताकि वह देश और समाज की सेवा कर सकें। खिलाड़ी प्रतिदिन छह घंटे अभ्यास करती है। इस दौरान सुबह दो घंटे व शाम को चार घंटे प्रतिदिन हैंडबाल का अभ्यास करती हैं।
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