सिरसा। अनाजमंडी में बिक्री के लिए रबी फसलों का आना शुरू हो चुका है। रबी फसलों में सरसों और गेहूं की फसल प्रमुख है। हालांकि सरसों की आवक मंडी में काफी पहले से शुरू हो चुकी है। सरसों की खरीद चल रही है। वहीं गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू होने वाली है। जहां सोमवार से गेहूं की खरीद शुरू होगी, वहीं आढ़ती पांच अप्रैल तक हड़ताल पर चले जाएंगे।
आढ़ती मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर तंबू गाड़कर अपनी हड़ताल करेंगे। हालांकि आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार सरकारी व प्राइवेट दोनों तरह की फसल खरीद को प्रभावित नहीं किया जाएगा। जिससे अनाज मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
बता दें कि जिले में 17 केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी है। इसी प्रकार गेहूं खरीद को लेकर प्रशासन की ओर से जिले में 4 नए सेंटरों के साथ 63 खरीद केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें पन्नीवाला मोरिकां, बनवाला, जगमालवाली व केवल को जोड़ा गया है। ऐसे में एक अप्रैल से सभी 63 केंद्रों पर खरीद शुरू हो जाएगी। इसको लेकर जिले की सभी मार्केट कमेटियों ने व्यापक व्यवस्था की है।
मंडियों में शेड खाली करवाने, शौचालयों व बरसाती नालियों की सफाई करवाने, किसानों के लिए कैटिंग की व्यवस्था करने के साथ उनके लिए किसान रेस्ट हाउस तक को दुरुस्त करवाया गया है। ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बेसहारा पशुओं को रोकने लिए चौकीदारों की व्यवस्था भी की गई है। वहीं आढ़तियों ने किसानों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष सुरक्षा गार्ड लगाए हैं।
प्रधान मेहता ने बताया कि कुरुक्षेत्र में हरियाणा स्टेट अनाजमंडी आढ़ती संगठन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। जिसमें 1 से 5 अप्रैल तक प्रदेश की पूरी मंडियों में आढ़तियों ने हड़ताल करने की घोषणा की हुई है। उसी अनुसार बैठक कर हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई गई है। एक अप्रैल से मार्केट कमेटी के कार्यालय के आगे धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ये हैं आढ़तियों की मुख्य मांग
आढ़़तियों की मांग है कि किसानों की सभी फसलें जैसे कॉटन, सरसों, सूरजमुखी, बाजरा इत्यादि और अन्य सभी फसलें सरकार द्वारा एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से ही खरीदें। वहीं आढ़तियों को आढ़त 2.5 प्रतिशत मिलनी चाहिए जो कि गेहूं पर लगभग 57 रुपये व धान पर 55 बनती है। जबकि पिछले चार वर्षों से सरकार द्वारा गेहूं पर 46 और धान पर 45.88 रुपए आढ़त दी जा रही है जो कि बहुत कम है। सरसों और कॉटन फसलें सरकार हैफेड और कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीधे किसानों से खरीद रही है। जिससे आढ़ती को कोई कमीशन नहीं मिलता है। पिछले 4 वर्षो से एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों को दिया जा रहा है। इस से आढ़तियों के साथ-साथ किसानों में भी रोष है। सरकार से मांग है कि सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली सभी फसलों का भुगतान किसान की सहमति अनुसार आढ़ती या किसान के ही खाते में किया जाना चाहिए।
गेहूं खरीद को लेकर सभी केंद्रों पर व्यवस्था करवाई गई है। मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सरसों की खरीद अभी जारी है।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव मार्केट कमेटी