फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमफिल कोर्स शुरू न होने पर आवेदकों ने सीएम को भेजी शिकायत

Mon, 14 Dec 2015 12:03 AM IST
ब्यूराो/अमर उजाला/सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
विद्यार्थियों ने सीडीएलयू में एमफिल आवेदकों की दोहरी परीक्षा के बावजूद एडमिशन नहीं दिए जाने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। साथ ही केंद्रीय मंत्री से सभी एमफिल आवेदकों को एडमिशन देकर कोर्स शुरू कराने की मांग की है। शिकायत की प्रतियां सीएम मनोहर लाल व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा को भी भेजी गई है।
विज्ञापन


आवदेकों ने बैठक कर मामले को कोर्ट में ले जाने का फैसला लिया है। इस मामले को लेकर आवेदकों ने बैठक कर विमर्श किया और सीए एवं शिक्षा मंत्री को शिकायत भेजी। इसी प्रकार मामले को कोर्ट में ले जाने का फैसला भी किया गया। दाखिले के लिए आवेदन कर चुके गुरविंद्र सिंह, बेअंत सिंह, मोनू बाला, सुधीर कुमार व अन्य ने बताया कि एमफिल कार्यक्रमों को लेकर सीडीएलयू में आपसी खिंचातान का शिकार उन्हें होना पड़ रहा है। बैठक में पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय शिक्षा मंत्री को करने के साथ ही सभी आवेदकों ने मामले को कोर्ट में ले जाने का भी फैसला लिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री को भेजी शिकायत में आवेदक गुरविंद्र सिंह ने बताया कि सीडीएलयू में विभिन्न विषयों की एमफिल के लिए पिछले छह माह में दोहरी प्रवेश परीक्षा हो चुकी है।

इसमें फिजिकल एजुकेशन, पत्रकारिता व जनसंचार सहित अन्य विषयों की एमफिल का सेल्फ फाइनांसड कोर्स होने के बावजूद शुरू नहीं किया गया है। फिजिकल के डिपार्टमेंट ने कार्यक्रम को स्वीकार नहीं किया जबकि पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय की एमफिल के लिए डिपार्टमेंट ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करते हुए इसे शुरू करने की योजना बनाई थी और लेकिन इसे बिना किसी कारण के ठंडे बस्ते में रख दिया। इससे एमफिल के आवदेकों को अपना कैरियर खराब होने का डर बना हुआ है। इसके लिए वे शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के कार्यालय में ज्ञापन देकर भी कोर्स शुरू कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन सुनवाई नहीं होने पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री स्मृति इरानी को पूरे मामले की शिकायत ईमेेल भेजकर कोर्स शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन



शिकायतकर्ताओं ने पत्र में बताया कि 26 अक्टूबर को प्रवेश परीक्षा हुई। इसमें कुल 25 परीक्षार्थियों को चार गलत प्रश्न वाले प्रश्नपत्र दिए गए। जिससे महज 11 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इसके बावजूद एडमिशन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। जिसके बाद चार आवेदक ने दूसरे विषयों में एडमिशन हो जाने से दाखिला नहीं लिया। इससे बाकी सात आवेदकों को दाखिला देना विभाग ने घाटा बताया लेकिन एक प्राध्यापक ने कोर्स के लिए अपनी फीस न लेने का पत्र दे दिया। जिससे पुन: पत्रकारिता विभाग ने सेल्फ फाइनेंस कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया पूरी कर दी। लेकिन एक माह तक इंतजार के बाद विवि प्रशासन द्वारा इसे लेट कार्यक्रम बताते हुए फाइल बंद कर दी है। इससे सभी आवेदकों को अपने करियर का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात करने का प्रयास किया गया पर किसी ने भी फोन रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें