जेसीडी में महोत्सव के दौरान नाटक का मंचन करते थियेटर सदस्य। विज्ञप्ति
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सिरसा। जेसीडी विद्यापीठ में तीसरे अनुभाव रंग महोत्सव के दूसरे दिन इंटर कॉलेज और इंटर स्कूल की नृत्य प्रतियोगिता हुई। इसमें विद्यार्थियों ने भंगड़ा, हरियाणवीं नृत्य, बॉलीवुड व अन्य नृत्य कलाओं की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।
इसके बाद शाम 7.15 बजे नाटक कोर्ट मार्शल का मंचन हुआ। नाटक में बॉर्डर पर तैनात सिपाही की ड्यूटी की कहानी को दर्शाया गया। नाटक में रामचंद्र नामक जवान को कुछ अधिकारी जातिसूचक गलियां देकर बार-बार अपमानित करते हैं। एक दिन वह उन दो अफसरों पर गोली चला देता है। इनमें से एक अधिकारी की मौत हो जाती है, जबकि दूसरा घायल हो जाता है। इस पर जवान रामचंद्र का कोर्ट मार्शल किया जाता है। इस प्रकार नाटक में जातिवाद और सामंतवादी घटिया प्रवृत्ति को दर्शाया गया जो कि आज भी समाज को कहीं न कहीं खोखला कर रही है।
केएल थियेटर के निदेशक कर्ण लढ़ा ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल विद्यार्थियों को सही मंच दिलाना है, बल्कि उनके अंदर छुपी प्रतिभा को सबके सामने लाना है। इस दौरान कुणाल मॉयल ने संचालन की भूमिका निभाई। जेसीडी विद्यापीठ की एमडी डॉ. शमीम शर्मा ने कहा कि स्वदेश दीपक का ये नाटक बहुत ही स्देशात्मक और भावनात्मक नाटक है, जो समाज की घटिया जातिवाद और सामंतवादी व्यवस्था पर करारी चोट करता है। इस दौरान डॉ. जयप्रकाश प्रिंसिपल बीएड कॉलेज जेसीडी, डॉ. शिखा गोयल प्रिंसिपल मैमोरियल कॉलेज, बीबी प्रधान, प्रिंसिपल विकास हाई स्कूल, साहित्यकार राजकुमार निजात मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान नंगे पांव कीलों पर नृत्य करती छात्रा। विज्ञप्ति- फोटो : Sirsa