संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव भरोखां के जलघर की डिग्गी में डूबने से दो बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों ने जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया। धरने की सूचना मिलने पर विभाग के एसडीओ और जेई मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों और अधिकारियों की बीच लंबी बहस हुई। गांव के बीच में जगह देने को लेकर पंचायत पर ही अधिकारियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और एसडीओ व जेई को खरी-खरी सुनाई। इसके बाद अधिकारियों ने लिखित में आश्वासन दिया कि तीनों डिग्गियों के चारों ओर तारबंदी करवाई जाएगी। तीसरी नई बनी डिग्गी के पास पड़े मिट्टी के ढेर को हटवाकर सफाई करवाई जाएगी। 22 अप्रैल से पहले तारबंदी करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। ग्राम पंचायत ने कहा कि मिट्टी वे 19 अप्रैल तक उठवा देंगे।
गांव के एक घर के कौने पर लगे सीसीटीवी में बच्चे जलघर की ओर जाते नजर आ रहे हैं। जब वह जलघर में जाते है तो उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। बच्चे सीधे अंदर चले जाते हैं। इसके बाद पानी से भरी डिग्गी में डूबने से दो बच्चों की मौत हो जाती है। एक बच्चा बच जाता है। हैरानी की बात है कि जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बुधवार को हुई पंचायत में बचते नजर आए। जलघर के अंदर पंप ऑपरेटर और चौकीदार विभाग की ओर से लगाया जाता है। पंप ऑपरेटर व चौकीदार दोनों को देखने होता है कि जलघर का गेट खुला न रहे। बिना अनुमति कोई अंदर न आये। गेट खुला होने के कारण यह हादसा हुआ है।
जिले में 80 प्रतिशत जल घरों पर नहीं है जाली
जिले के 80 प्रतिशत से ज्यादा गांवों के अंदर बने जलघरों की डिग्गियों पर जाली नहीं है। इसके कारण बच्चों, पशुओं को जलघरों में गिरने का खतरा बना रहता है। डिग्गियों के चारों ओर निर्माण के साथ ही जालियां बना दी जाती तो बच्चों के डूबने जैसी घटनाएं नहीं होती।
जोहड़ तक पर सरकार लगा रही जाली
अमृत सरोवर योजना के तहत सरकार जोहड़ तक पर जाली लगाने का काम कर रही है। स्पेशल घाट बनाए जाते है ताकि पशु वहीं से पानी पीये। जब जोहड़ के लिए इतनी सतर्कता सरकार बरत रही हैं तो जलघरों को लेकर लापरवाही प्रशासन क्यों कर रहा है।
वर्जन
दो बच्चों की मौत होना बेहद दुखद घटना है। जेई और एसडीओ आज गांव में आए थे। हमारी मांग है कि सभी डिग्गियों के चारों ओर तारबंदी की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। - मिलख राज, सरपंच