मंडी में गेहूं की सफाई और खरीद पर बातचीत करते एसडीएम
ओढ़ां। ओढ़ां की अनाज मंडी में गेहूं से अटी पड़ी है। खरीद एजेंसी हैफेड ने गेहूं में अधिक नमी होने की बात कहकर अभी तक खरीद शुरू नहीं की है। मंडी में आढ़तियों द्वारा गेहूं की सफाई में केवल खानापूर्ति की जा रही है। शुक्रवार को मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम कालांवाली मोहित कुमार ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई और खरीद एजेंसी, मंडी सुपरवाइजर व आढ़तियों को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किए।
एसडीएम ने कहा कि मंडी में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।मंडी निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने देखा कि आढ़ती गेहूं की सफाई के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहे हैं। वे गेहूं की सफाई के बजाय महज दिखावे के लिए पंखा चला रहे थे।
एसडीएम ने आढ़तियों और मंडी सुपरवाइजर बलजीत सिंह को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि पंखे केवल दिखावे के लिए हैं तो इसका कोई मतलब नहीं। उन्होंने आढ़तियों से कहा कि काम ठीक से करो नहीं तो नोटिस जारी होंगे।
24 हजार क्विंटल की आवक, खरीद में देरी : ओढ़ां की अनाज मंडी में शुक्रवार तक करीब 24 हजार क्विंटल गेहूं आ चुका है लेकिन खरीद एजेंसी ने अभी तक खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से मंडी में अपनी फसल लेकर बैठे हैं लेकिन नमी के बहाने खरीद टाल दी जा रही है। किसान हरबंस सिंह चहल, हीरा सिंह, बलजिन्द्र सिंह बैनीवाल और मलकीत सिंह ने बताया कि नए नियमों के कारण परेशानी हो रही है।
किसानों के ट्रैक्टरों के दस्तावेज की जांच व फोटो खींचने की प्रक्रिया उन्हें घंटों तक मंडी के गेट पर खड़ा रहने को मजबूर कर रही है। किसानों का कहना था कि जब फसल का पहले ही पंजीकरण हो चुका है तो वे बार-बार दस्तावेज की जांच के लिए कतार में क्यों लगें।