डबवाली। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आमजन के जीवन में परिवर्तन आएगा। इस एक्सप्रेस-वे के साथ लगते क्षेत्र में लोगों को विशेष रूप से फायदा होगा। यह बात हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला ने वीरवार को डबवाली में अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ अन्य विकास परियोजनाओं का निरीक्षण करने के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे के साथ लगती बेल्ट के क्षेत्र में डबवाली भी शामिल है, जो कॉटन के लिए प्रसिद्ध है। गुजरात में भी कॉटन अधिक होता है, इसलिए यहां कॉटन इंडस्ट्री को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण एक स्थान से दूसरे स्थान तक जुड़ाव तक सीमित नहीं है। सरकार का उद्देश्य लोगों के जीवन में किस प्रकार से बदलाव लाया जाए। इस दिशा में अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस वे मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेस वे डबवाली से होकर गुजरेगा, जिससे यहां के औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि सिरसा जिले के आखिरी छोर डबवाली से लेकर पानीपत तक करीब 300 किलोमीटर दूरी का एक्सप्रेस-वे बनेगा। यह कार्य भारतमाला परियोजना के तहत किया जाएगा।
सुभाष बराला ने कि यह ग्रीन फील्ड कॉरिडोर पर्यटन व आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेस-वे हरियाणा, पंजाब, गुजरात व राजस्थान के 15 जिलों से होकर गुजरेगा।