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सभी छह आरोपी एक दिन के रिमांड पर, आज एसआईटी फिर पेश करेगी

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करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं गबन के मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर एसआईटी को सौंप दिया। अब उन्हें शुक्रवार को कोर्ट में पेश करना होगा। बता दें कि बुधवार को एसआईटी ने इस मामले में सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी नरेंद्र सरदाना, एएफएसओ जगतपाल, संजीव कुंडू, सेवानिवृत्त अशोक कुमार, कांफेड के स्टोर कीपर रविंद्र कुमार व सेवानिवृत्त स्टोर कीपर महेंद्र मेहता को गिरफ्तार किया था।
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जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने गिरफ्तार हुए चारों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वीरवार को मुख्यालय को पत्र लिख दिया है। अब विभाग मुख्यालय से चारों अधिकारियों के संबंध में आने वाले आदेशों की प्रतीक्षा कर रहा है। वर्ष 2017 में तत्कालीन जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक अशोक बांसल की ओर से शहर सिरसा थाना में मामला दर्ज करवाया गया था। उसमें विभाग के 4 डीएफएससी, 2 एएफएसओ और 6 इंस्पेक्टर सहित 58 डिपो होर्ल्ड्स को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने अधिकांश मामलों में ठीकरा डिपो होल्डर्स पर ही फोड़ने का काम किया। उनकी सप्लाई रोक दी और डिपो कैंसिल कर दिया।
पीले कार्ड को बनाया गुलाबी, दोनों अधिकारी हुए थे निलंबित
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए खाद्य एवं आपूर्ति के अधिकारियों द्वारा पीले कार्ड को गुलाबी करने का कारनामा भी अंजाम दिया गया है। यह मामला भी अभी तक लंबित है। विभाग की ओर से पीले राशनकार्ड धारक को प्रति सदस्य 5 किलो गेहूं दिया जाता है, जबकि गुलाबी राशनकार्ड धारक को 35 किलो गेहूं। घोटाले को अंजाम देने के लिए हजारों बीपीएल परिवारों को एएवाई बना दिया। पीले कार्ड धारकों को उनके परिवार के सदस्यों के अनुसार ही गेहूं बांटा गया, लेकिन रिकार्ड में एक परिवार को 35 किलो गेहूं जारी दिखा दिया। इस मामले में विभाग की ओर से कालांवाली में तथा सिरसा में तत्कालीन एएफएसओ नरेंद्र सरदाना और जगतपाल के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया गया। दोनों को विभाग ने निलंबित भी कर दिया था, लेकिन पुलिस जांच पूरी होने तक उन्हें पुन: बहाल कर दिया गया।
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फाइलों को किया गया गुम
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सिरसा ने राज्य सूचना आयोग हरियाणा के आदेशों को भी धता बता दिया। भीम कॉलोनी निवासी प्रेम जैन की ओर से आरटीआई के तहत 17 डिपो से संबंधित जानकारी मांगी थी। राज्य सूचना आयोग के समक्ष विभाग ने इन फाइलों के नदारद होने की बात कही। आयोग ने इस बारे में आरटीआई कार्यकर्ता को गायब फाइलों की एफआईआर की प्रति उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने जानबूझकर फाइलों को खुर्दबुर्द किया है।
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कोट
हमने मुख्यालय को चारों अधिकारियों के संबंध में सूचित कर दिया है। आगे की कार्रवाई मुख्यालय की ओर से की जानी है।
-सुरेंद्र सैनी, डीएफएससी, सिरसा।
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