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Sirsa News: चोपटा क्षेत्र में कृषि अधिकारियों ने किया कपास व धान की फसल का संयुक्त सर्वेक्षण

Fri, 29 May 2026 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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चोपटा में किसानों को जागरूक करते कृ​षि वैज्ञानिक। 
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चोपटा। गांव अरनियांवाली में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के फरीदाबाद स्थित क्षेत्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र और सिरसा स्थित जिला कृषि विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को कपास व धान की फसल का संयुक्त सर्वेक्षण किया।
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भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के फरीदाबाद स्थित क्षेत्रीय एकीकृत कीट प्रबंधन केंद्र की क्षेत्रीय प्रमुख एवं उप निदेशक डॉ. वंदना पांडे के निर्देशन में कृषि उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह, एसडीएओ डॉ. कोमल और बीएओ की सहायता से जिले के सिरसा ब्लॉक के एक ग्राम में कपास और धान की फसलों में बीज उपचार के संबंध में किसान सभा का आयोजन किया गया।
इस सभा में बीज उपचार, सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में चौपटा खंड के खंड कृषि अधिकारी डा. शैलेंद्र सहारण, बीटीएम डा. महेंद्र सिंह डांडी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि किसानों को बीज उपचार के लिए कीटनाशक, एनपीएसएस मोबाइल एप और ट्राइकोडर्मा विरिडी नामक जैविक कीटनाशक वितरित किए गए। जिले के विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण करके किसानों को जानकारी दी गई। कपास और धान को प्रभावित करने वाले कीटों और रोगों से निपटने के लिए बीज उपचार आवश्यक है ताकि धान में पिछले वर्ष के बौने रोग और अन्य कीटों/रोगों से बचा जा सके। किसानों को यांत्रिक और जैविक कीटनाशक उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई है।
कपास की फसल के प्रारंभिक चरण में कम से कम 4 फेरोमोन ट्रैप और कपास के लिए चारा लगाने की सलाह दी गई है। खेतों में कीटों की निगरानी व रोकथाम के लिए 40-45 दिनों के बाद इसका उपयोग किया जाता है। सर्वेक्षण के दौरान, किसानों को राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) मोबाइल एप के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

इस संयुक्त सर्वेक्षण में भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आरसीआईपीएमसी के दल में फरीदाबाद से सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. केपी शर्मा और सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. सुरजीत बर्मन तथा हरियाणा राज्य सरकार के जिला कृषि विभाग से एसडीएओ डॉ. कोमल, और सहायक पौध संरक्षण अधिकारी डॉ. बीए ओ तथा अन्य प्रख्यात किसान उपस्थित थे।
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