जिला सेशन जज आर एन भारती की अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी पति दलबीर सिंह निवासी कंगनपुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 6 महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं वारदात के साक्ष्य मिटाने के आरोप में दलबीर सिंह के भाई लखविंदर सिंह व गोपाल को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। दोनों को पांच पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया। अदालत ने तीनों को बीते दिन वीरवार को दोषी करार दिया था।
जानकारी अनुसार जिला रायपुर छत्तीसगढ़ के शमशेर सिंह ने शिकायत देते हुए बताया था कि उसकी छोटी बहन हरप्रीत कौर की शादी 17 दिसंबर 2006 को दलबीर सिंह निवासी नटार हाल दशमेश नगर कगंनपुर सिरसा के साथ हुई थी। मेरी बहन हरप्रीत व दलबीर की आपस में घरेलू बातों को लेकर मन मुटाव रहता था। हमने एक दो बार आपस में पंचायत करके इन दोनों का मन मुटाव दूर करवा दिया था। 2 अप्रैल 2018 को मेरे बड़े जीजा कुलजीत सिंह निवासी एमआईजी 19 हीरापुर रायपुर छत्तीसगढ़ ने मेरे जीजा दलबीर सिंह को फोन किया था और हरप्रीत कौर व परिवार के बारे में पूछा। तब दलबीर सिंह ने कुलजीत सिंह को बताया कि सब ठीक ठाक है। कुछ समय बाद दलबीर सिंह ने मेरे जीजा कुलजीत सिंह के पास फोन किया और बताया कि हरप्रीत कौर की 28 मार्च 2018 को सुबह हार्ट अटैक आने से मौत हो गई है। जिस पर मेरे जीजा कुलजीत सिंह ने दलबीर सिंह के बड़े भाई लखविंद्र सिंह के मोबाइल पर फोन करके हरप्रीत कौर के बारे में पूछा लखविंद्र सिंह ने बतलाया कि हरप्रीत कौर की फांसी लगाने से मौत हुई है। छत्तीसगढ़ से मेरे परिवार के सदस्यों को लेकर में सिरसा पहुंचा और दो दिन तक हमने अपने तौर पर मेरी बहन हरप्रीत कौर की मौत के बारे पता किया तो मुझे पता चला कि 28 मार्च 2018 को सुबह के समय मेरा जीजा दलबीर सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरी बहन हरप्रीत कौर की मार पिटाई करके व चुन्नी से गला घोंट कर हत्या कर दी। साथ ही अपने दोस्त व अपने भाई लखविंद्र सिंह के साथ मिलकर कगंनपुर श्मशान घाट में सबूत मिटाने के लिये मेरी बहन की लाश को जला दिया है। अदालत ने शुक्रवार को मृतका के पति दलबीर सिंह को हत्या के दोष में उम्रकैद व साक्ष्य मिटाने के दोष में दलबीर, लखविंद्र सिंह व गोपाल को साक्ष्य मिटाने पर तीन, तीन साल की सजा सुनाई।