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पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से किया इंकार

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लिखित में आश्वासन देते एसएचओ अमित बैनीवाल। - फोटो : Sirsa
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शहर के एक निजी रिसोर्ट में नाचते समय हुए झगड़े में घायल थेहड़ मोहल्ला निवासी सुनील ने तीन महीने बाद एक निजी अस्पताल में रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवाया गया था। सोमवार को मृतक युवक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और कहा कि जब तक मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक वे शव को घर नहीं लेकर जाएंगे। सिविल थाना एसएचओ अमित बैनीवाल अस्पताल में पहुंचे और परिजनों को लिखित में आश्वासन दिया कि वह 15 दिन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पेश कर देंगे। आश्वासन मिलने के बाद परिजन शव लेकर चले गए।
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जानकारी के अनुसार थेहड़ मोहल्ला निवासी सुनील की रविवार को अस्पताल में मौत होने के बाद शव को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया था, लेकिन उस समय तक सिविल लाइन पुलिस थाना पुलिस ने केवल तीन ही आरोपियों को गिरफ्तार किया था। परिजनों ने अस्पताल में एकत्रित होकर कहा कि वे शव को तब तक नहीं लेंगे, जब तक सभी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती। शव न लेने की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन एसएचओ अमित बैनीवाल अस्पताल में पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश करने लगे।
परिजन बोले - तीन माह बाद भी सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई पुलिस
परिजनों ने आरोप लगाए कि पुलिस अपना काम ठीक से नहीं कर रही है और तीन माह बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मृतक सुनील के पिता सोहन लाल ने कहा कि चक्कर काटते हुए उनके जूते घिस चुके हैं, लेकिन अभी तक उनको न्याय नहीं मिला है। करीब आधे घंटे तक पुलिस और परिजनों की बहस के बाद एसएचओ ने परिजनों को आश्वासन दिया कि वे उन्हें केवल 15 दिनों का समय दें, इन दिनों में वह सभी को गिरफ्तार कर लेंगे, लेकिन परिजनों ने कहा कि पुलिस जब तीन महीने में ही कुछ नहीं कर पाई तो 15 दिन में क्या कर देगी। एसएचओ ने कहा कि वह उन्हें लिखकर दे देते हैं कि 15 दिन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे। आश्वासन पाकर परिजन शव अपने घर ले गए।
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यह था मामला
जिले के थेहड़ मोहल्ले के रहने वाला सुनील शहर में ही कैटरिंग का काम करता है। बीते तीन माह पहले 15 नवंबर को जब वह और उसके साथी एक निजी रिसोर्ट में शादी के दौरान कैटरिंग का काम करने गए थे तो वहां पर शादी में आए हुए कुछ लड़कों के साथ सुनील की बहसबाजी हो गई। इसके बाद उसके साथियों ने उसे वहां से छुड़वा दिया। सोहन लाल ने बताया कि काम के बाद जब वह घर पर आ रहा था तो रास्ते में चतरगढ़ पट्टी में कुछ युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। इस दौरान सुनील के साथ उसके दो दोस्त नवीन और राजेश मौजूद थे। नवीन ने बताया कि बाइक पर सवार लगभग सात लोग थे और उनके पास तेजधार हथियार थे। इससे उन्होंने उन पर हमला कर दिया।
तीन माह से अस्पताल में था दाखिल
सुनील के साथ 16 नवंबर को मारपीट होने के बाद उसे एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां वह तीन माह से अस्पताल में भर्ती था और इलाज के दौरान रविवार को सुनील ने दम तोड़ दिया।
आरोपियों के खाते हुए सील
सिविल लाइन एसएचओ अमित बैनीवाल ने बताया कि सुनील के दोस्त नवीन के बयान पर मोगली, कृष्ण तथा पांच अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया हुआ है। मामला दर्ज होने के बाद अभी तक मोगली, बाबू और अजय की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसएचओ ने बताया कि पंकज और कृष्ण के खाते और संपत्ति को सील कर दिया है और बाकी दो अन्य की भी तलाश जारी है। सिविल लाइन थाना पुलिस 15 दिन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी।
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