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Sirsa News: धमाके के बाद आंखों में कटी रात... सुबह होते ही पाकिस्तानी मिसाइल देखने दाैड़े लोग

Sun, 11 May 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा के गांव खाजाखेड़ा में मिसाइल के ​मलबे को गाड़ी में लोड करवाते हुए शहरवासी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी।
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सिरसा। पाकिस्तान की ओर से शुक्रवार देर रात दागी गई मिसाइल के धमाके का शोर सुनकर सिरसा के लोग रात भर सोए नहीं तो सुबह होते ही मिसाइल देखने के लिए दौड़ पड़े। सुबह होते ही खेतों में मिसाइल का मलबा मिलने की बात आग की तरह फैल गई। जिस क्षेत्र में शोर सुना गया था वहां के लोगों को तो सुबह होने का इंतजार था ही वहीं, आस-पास के लोगों को गुरुद्वारे में हुई अनाउसमेंट से इस बात का पता चला। दूर-दराज के लोगों को सोशल मीडिया पर जानकारी मिली। मिसाइल के तीन टुकड़े अलग-अलग जगहों पर गिरे थे लेकिन लोगों को खाजा खेड़ा गांव और फिरोजाबाद चक साहिब में दो टुकड़े मिलने की ही खबर मिली। ओटू में गिरे तीसरे टूकड़े की जानकारी शनिवार शाम को मिलने के चलते वहां कोई नहीं पहुंचा। इससे पहले सुबह सबसे ज्यादा भीड़ खाजा खेड़ा गांव में रही। लोग पहुंचे तो देखा कि मिसाइल का बीच वाला हिस्सा खुले आसमान के नीचे गेहूं की कटी हुई फसल के कीले में पड़ा हुआ था। लोगों ने तुरंत मोबाइल फोन निकाले और वीडियो बनाने में जुट गए। सेना और पुलिस की टीम भी साथ-साथ पहुंच गई। जांच प्रभावित न हो इसके लिए पुलिस ने लोगों की भीड़ को दूर कर दिया तो मिसाइल के आसपास पीले रंग की टेप से सुरक्षा दायरा बना दिया। पुलिस और सेना ने मिसाइल के फोटो भी लिए और मोर्चा संभाल लिया।



वजन ज्यादा होने से मदद के लिए आगे आए लोग

पुलिस और सेना ने एक बार तो मिसाइल मलबे के बाहर सुरखा घेरा बना दिया, लेकिन मलबे का वजन ज्यादा होने से ग्रामीणों से मदद मांगी। इस पर युवा आगे आए और मिसाइल के मलबे को उठाकर पुलिस-सेना के वाहन में रखवा दिया। इस दौरान लोगों ने मिसाइल को करीब से देखा तो उत्साहित नजर आए और फोटो और सेल्फी लेने में व्यस्त दिखे। मलबा इतना भारी था कि कई लोगों को एक साथ मिलकर इसे गाड़ी में रखवाना पड़ा।
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मिसाइल मलबे को लेकर युवाओं ने खूब उड़ाया मजाक

मिसाइल के मलबे को उठाकर जब युवा ले जा रहे थे इस दौरान खूब ठहाके लगे। युवाओं ने घटनाक्रम को लेकर पाकिस्तान का खूब मजाक उड़ाया। किसी ने इसी समय वीडियो बना लिया जो वायरल हो गया। युवाओं ने बागड़ी, पंजाबी और हरियाणवी बोली में खूब खिल्ली उड़ाई। इन युवाओं को देखकर साफ पता लग रहा था कि हमारे देश के नौजवानों के हौसले कितने बुलंद हैं। किसी ने बोला कि इसे पाकिस्तान से लाएं हैं। एक युवक ने कहा कि यह दोबारा चलाई जाएगी तो एक युवक ने कहा चलो इसे जहां से आई है वहीं छोड़ आते हैं।



युवा बोले-दुश्मन से डरते नहीं, लगा देंगे जान की बाजी

युवाओं के सहयोग के लिए पुलिस और सेना ने भी धन्यवाद किया। युवाओं ने कहा हम दुश्मन देश से डरते नहीं है। रात का धमाका सुन एक बार डर जरूर लगा था लेकिन सुबह जब ध्वस्त हुई मिसाइल मिली तो साहस बढ़ गया। हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने इतनी भारी मिसाइल को टीन के डिब्बे में तब्दील कर दिया। अगर हालात और बिगड़े और मौका मिला तो देश के लिए जान की बाजी लगा देंगे।
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बार्डर से सटा होने और एयरबेस के कारण चर्चा में रहता है सिरसा

लोगों ने कहा कि सिरसा में एयरबेस तो है ही साथ ही इसकी सीमाएं राजस्थान और पंजाब बार्डर से सटी हुई हैं। यही वजह है कि यहां बागड़ी, पंजाबी और हरियाणवी बोली का मिश्रित कल्चर है। सिरसा हमेशा चर्चा में बना रहता है। पाकिस्तान या किसी भी देश के साथ तनाव बढ़ने पर सबसे पहले सिरसा में अलर्ट जारी किया जाता है। सिरसा में हमला करने की घटना पहली बार नहीं हुई, पुराना इतिहास है और हम इसके लिए तैयार रहते हैं।

सिरसा के गांव खाजाखेड़ा में मिसाइल के मलबे को गाड़ी में लोड करवाते हुए शहरवासी। संवाद

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