हुडा विभाग की हर कार्रवाई कच्छुआ चाल से चलती है। इसका उदाहरण वर्ष 1998 में हिसार रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक से बरनाला रोड स्थित न्यू हाऊसिंग बोर्ड चौक तक के बाइपास को फोरलेन करने के प्रस्ताव से लिया जा सकता है। इसके लिए जमीन का अधिगृहण कर लिया गया था और उनके पेमेंट भी दे दी गई, लेकिन फोरलेन आज तक नहीं बन पाया है। जब रोड बनाया गया तो केवल 22 फुट चौड़ा बना लेकिन अब तक इसे फोरलेन बनानेे की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। लोगों को भी इस बारे में कम ही मालूम है कि हुडा सेक्टरों को हिसार रोड और बरनाला रोड से जोडने वाले इस मार्ग को फोरलेन का प्रस्ताव बना था। खास बात यह है कि भूमि अधिग्रहण करने के बाद विभाग अपने प्रस्ताव को भूल ही गया।
हुडा विभाग के मास्टर प्लान के अनुसार यह बाईपास 22-22 फुट की चौड़ाई का फोरलेन बनना था, जिसकी कुल लंबाई सवा किलोमीटर है। यह बाईपास शहर के हुडा सेक्टरों को हिसार व बरनाला रोड नेशनल हाईवे से जुड़ता है। हुडा सेक्टर के निवासियों को इसी मार्ग से होकर अपने जाना पड़ता है। इसके अलावा बाईपास के साथ ही डबवाली-हिसार बाईपास रोड जुड़ता है, जिस कारण यहां वाहनों का रस भी अधिक रहता है। हुडा सेक्टर के निवासियों ने अनेक बार इस मार्ग को फोरलेन करने के लिए हुडा विभाग के अधिकारियों के पास मांगें रखी, जिसे 17 सालों से विभाग ने ठंडे बस्ते में रखा हुआ है।
इसी का परिणाम है कि जो जमीन उस समय अधिगृहित की गई थी, वहां या तो दुकानें बन चुकी हैं या फिर बिजली निगम द्वारा बिजली के खंभे रोपकर तारें खींचकर बिजली सप्लाई दी जा रही है। इस वजह से अब फोरलेन का सीधा बनना मुनासिब नहीं लग रहा। अब हुडा प्रशासक आईएएस विजय कुमार तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव पी राघवेंद्र राव दौरे के दौरान यहां के निवासियों ने उनके समक्ष इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, जिस पर उन्होंने हुडा के अधिकारियों को इस दिशा में काम शुरू करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार सेक्टर आबाद होने के ढाई दशक बाद भी सीवर के पानी की निकासी का प्रबंध विभाग द्वारा अब तक नहीं करवाया गया है। नहरी पेयजल की व्यवस्था भी अभी तक शुरू नहीं हो सकी है।
इस संबंध में हुडा विभाग के एसडीई पानुराम ने बताया कि बुधवार से महाराणा प्रताप चौक से हाउसिंग बोर्ड चौक तक के बाईपास को फोरलेन करने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वे में दुकानो, बिजली के खंभों आदि का आंकलन किया जाएगा तथा देखा जाएगा कि फोरलेन के लिए सड़क किस तरफ से कैसे बनाई जाए।
दीवार तोड़ने की भी कवायद शुरू
हुडा प्रशासक के दौरे के दौरान सेक्टर 19 के निवासियों ने एचएसआईडीसी द्वारा बनाई गई दीवार को तोड़ने की भी मांग की थी, क्योंकि नगर एवं योजनाकार विभाग के मास्टर प्लान में यहां फोरलेन सड़क होने की बात कही गई है, लेकिन उक्त दीवार के कारण फोरलेन का फायदा यहां के निवासियों को नहीं मिल रहा।
अब इस मांग पर कार्रवाई शुरू हो गई है। जिल नगर एवं योजनाकार मोहन सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान में उक्त फोरलेन अंकित है। दीवार तुड़वाने के लिए हुडा एसडीओ व नगर परिषद के ईओ को बोल दिया है कि कागजी कार्रवाई करते हुए एचएसआईडीसी से पत्राचार करें। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दीवार को तोड़कर फोरलेन मार्ग खुलवा दिया जाएगा।