कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दाखिलों को लेकर अध्यापक डोर टू डोर जाकर दाखिलों के लिए अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अंतर्गत सिंगल पेरेंटस चाइल्ड, आर्थिक रूप से कमजोर व एससी, बीसी, बीपीएल वर्ग की लड़कियों को स्कूलों के साथ जोड़ा जा रहा है। लेकिन बेटियों द्वारा घर के कामों के हाथ बंटाने की बात कहकर अभिभावक सहमति नहीं जता रहे।
जिले के सात ब्लॉकों में छह कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में दाखिले के लिए करीब 600 सीटें उपलब्ध है। यह सीटें केवल छठीं से आठवीं कक्षा तक की ही हैं। जिन पर दाखिलों को लेकर स्कूल अध्यापक आस पास गांवों में डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं। सर्वे के दौरान छठीं से आठवीं में पदोन्नत हुई लड़कियों को स्कूल के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सर्वे के दौरान अधिक बल सिंगल पेरेंटस चाइल्ड लड़कियों को इन स्कूलों में लाने का प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि इन विद्यालय में निशुल्क शिक्षा के साथ-साथ रहने के लिए होस्टल सुविधा भी है। अध्यापिका ममता ने बताया कि सर्वे के दौरान अधिकतर छात्रों के अभिभावक दाखिलों को लेकर संतुष्टि नहीं जाते। अभिभावक कहते हैं कि लड़की अगर घर पर रहेगी तो घर के कामों में हाथ बटाएंगी, हम इसे हॉस्टल नहीं भेजना चाहते। लेकिन अध्यापकों द्वारा स्कूल की पूरी जानकारी देने पर अभिभावक दाखिलों करवाने पर सहमति जताते हैं और बेटियों के लिए खुश भी नजर आते हैं। बता दें कि सत्र 2020-21 में जिले के इन्हीं छह स्कूलों में करीब 75 प्रतिशत सीटों पर छात्राओं के दाखिले ही हुए थे।
शिक्षा से लेकर खाने तक सब निशुल्क
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षा व हॉस्टल की सुविधा निशुल्क है। साथ ही लड़कियों को यूनिफार्म, स्टेशनरी व पौष्टिक आहार के लिए कोई अदायगी नहीं करनी पड़ती। छात्राओं को पढ़ाने के लिए अभिभावकों से पूरे साल में कोई रकम नहीं ली जाती है।
स्कूल अब तक कुल दाखिले
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय चट्ठा 39
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय केहरवाला 56
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय फतेहपूरिया 44
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रत्ताखेड़ा 42
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय घोलपालिया 29
- कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रामपुरा ढिल्लो 58
अध्यापक नए सत्र में दाखिलों को लेकर गांव-गांव जाकर डोर टू डोर सर्वे रहे हैं। स्कूल द्वारा छठीं से आठवीं कक्षा तक की ऑनलाइन कक्षाएं भी शुरू कर दी गई है। निदेशालय के आदेश आते ही छात्राओं के लिए हॉस्टल खोल दिए जाएंगे।
- शशि सचदेवा, सहायक परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा, सिरसा।