राजकीय स्कूलों में बिना एसएलसी के विद्यार्थी अब दाखिला नहीं ले पाएंगे। जिला शिक्षा विभाग ने सातों खंडों क स्कूल प्रिंसिपलों को इसके संबंधित निर्देश जारी कर दिए है। शिक्षा विभाग के इन आदेशों से पहले जिन विद्यार्थियों को स्कूल में दाखिला दिया था उन विद्यार्थियों से स्कूल प्रिंसिपल अब शपथ पत्र ले रहे है। ताकि बाद में कोई बात स्कूल प्रिंसिपल पर न आए।
रानियां ब्लॉक के राजकीय स्कूल मुखिया द्वारा बिना एसएलसी लिए बच्चों को दाखिला देने पर प्राइवेट स्कूल संचालकों स्कूल मुखिया पर कानूनी कार्रवाई करने की भी बात कही है। एसएलसी, स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट के बिना राजकीय स्कूलों में दाखिले पर उच्च न्यायालय के स्टे आदेशों के बाद स्कूल प्रिंसिपल द्वारा विद्यार्थियों के जिन विद्यार्थियों के बिना एसएलसी के दाखिले हुए है उनसे शपथ लिए जा रहे है, जिसमें लिखवाया जा रही है कि अगर भविष्य में एसएलसी को लेकर किसी भी प्रकार के आदेश जारी होते हे तो वह संबंधित आदेशों से विद्यार्थी खुद प्रभावित होंगे न की स्कूल प्रिंसिपल।
नए शिक्षा सत्र 2021-22 के दौरान शिक्षा निदेशालय ने बिना एसएलसी के विद्यार्थियों के किसी भी स्कूल में दाखिले करने के आदेश जारी किए थे। आदेशों के चलते प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी खासकर सीबीएसई पैटर्न के साथ जुड़े मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिला लेने लगे। जिले में राजकीय स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के 99287 और 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 45791 विद्यार्थी बीती 6 जुलाई तक दाखिला लें चुके थे। जिला शिक्षा विभाग द्वारा 6 जुलाई को अगामी आदेशों तक स्कूलों को बिना एसएलसी के दाखिला लेने पर रोक लगा दी है।
प्राइवेट स्कूल संचालक दे रहे चेतावनी
राजकीय प्राइमरी स्कूल पंजूआना के मुख्याध्यापक द्वारा बिना एसएलसी के दाखिला देने पर एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने कार्रवाई करने की बात कही है। प्राइवेट स्कूल संचालक ने पत्र में लिखा कि बिना स्कूल का भुगतान किए स्कूल से एसएलसी प्राप्त नहीं हो सकती। बिना एसएलसी दाखिला कर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। अगर आप विद्यार्थी को बकाया फीस भरने को नहीं कहते तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोर्ट के आदेशों अनुसार राजकीय स्कूलों में बिना एसएलसी के दाखिले पर रोक लगाई है। अगामी आदेशों तक बिना एसएलसी स्कूलों में दाखिले नहीं लिए जाएंगे। स्कूल प्रिंसिपल अपने स्तर पर शपथ पत्र ले रहे है उन्हें विभाग की ओर से शपथ पत्र लेने के आदेश नहीं दिए गए है।
- संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।