सिरसा। सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद जिले में बीते पांच सालों में एचआईवी संक्रमित में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। हर वर्ष 400 से 450 तक नए संक्रमित मिल रहे हैं। संक्रमण का मुख्य कारण नशा है।
बीते वर्ष एड्स से जिले में 13 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में एक किशोरी सहित 25 से 45 वर्ष के लोग थे। चिकित्सकों के अनुसार किशोरी ने नशे की पूर्ति के लिए संक्रमित के इस्तेमाल किया हुआ इंजेक्शन प्रयोग किया था। इससे वह संक्रमित हो गई थी।
वहीं साल 2024 की बात करें तो अभी महज चार माह का समय गुजरा है। इस समय अवधि में 120 के आसपास एचआईवी के संक्रमित मिले हैं। इसके अलावा एड्स से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। नागरिक अस्पताल में अब 2962 एचआईवी मरीजों का स्वास्थ्य विभाग की ओर से इलाज भी किया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार जिले में बढ़ते नशे के कारण एचआईवी के मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा है। ग्रुप में बैठकर एक ही सिरिंज से नशे के इंजेक्शन लेने से एक संक्रमित से दूसरा भी संक्रमित हो रहा है। इसके अलावा असुरक्षित यौन संबंध भी दूसरा बड़ा कारण है। मरीजों में पुरुषों के साथ-साथ बच्चे व महिलाएं भी शामिल है। पिछले 16 माह में एड्स से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें महिलाओं के साथ लड़के व एक नाबालिग लड़की भी शामिल है।
15 से 30 वर्ष के हैं 70 फीसदी मरीज, सभी नशा पीड़ित
नशा करने के कारण 70 फीसदी मरीज एड्स की चपेट में आ रहे हैं। इनकी आयु 15 से 30 वर्ष के लगभग है। असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने पर भी 30 फीसदी लोग पीड़ित हो रहे हैं। जिला जेल में भी एचआईवी के 97 मरीज मिल चुके हैं। इनका विभाग की ओर से इलाज चल रहा है। संवाद
ऐसे फैलता है एचआईवी
असुरक्षित यौन संबंध से, एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने से, एचआईवी पीड़ित मां से उसके बच्चे को, एचआईवी संक्रमित सुई या सीरिंज का प्रयोग एचआईवी फैलने के मुख्य कारण हैं। ।
एचआईवी संक्रमितों का रिकॉर्ड
वर्ष 2019 में 939 संक्रमित मिले।
वर्ष 2020 में 1327 संक्रमित मिले।
वर्ष 2021 में 1884 संक्रमित मिले।
वर्ष 2022 में 2365 संक्रमित मिले।
वर्ष 2023 में 2840 संक्रमित मिले।
वर्ष 2024 में अब तक 2962 मरीज मिले हैं।
वर्जन
एचआईवी को लेकर लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों की इलाज किया जा रहा है। - डॉ. गौरव भाटी, क्षय विभाग, नागरिक अस्पताल सिरसा।