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Sirsa News: बिना अनुमति हाई मास्ट पोल से बिजली सप्लाई लेने पर एजेंसी को नोटिस जारी

Mon, 27 Apr 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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- विकास कार्य के दौरान हाई मास्ट पोल से बिजली प्रयोग करने का मामला आया सामने
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- जेई ने अपनी रिपोर्ट बनाकर कार्यकारी अधिकारी को सौंपी



- कार्यकारी अधिकारी ने एजेंसी को जारी किया नोटिस



- शहर में होने वाले पार्कों व अन्य जगहों के विकास कार्यों में होती है बिजली चोरी



- बिजली चोरी का मामला सामने आने के बाद हरकत में आया विभाग

फोटो


संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में विकास कार्यों के लिए बिना अनुमति स्ट्रीट लाइट पोल या हाई मास्ट लाइट की बिजली प्रयोग करने पर अब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का नगर परिषद प्रशासन ने मन बना लिया है। हाल ही में इस प्रकार की घटना सामने आने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने एक एजेंसी को नोटिस जारी किया है।
अधिकारियों ने विशेष रूप से आदेश जारी किए हैं कि यदि भविष्य में कोई एजेंसी या उसके कर्मचारी बिना अनुमति गलत तरीके से स्ट्रीट लाइट से बिजली का प्रयोग करने हुए पाए जाते हैं तो उन्हें जुर्माने के साथ-साथ ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
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कार्यकारी अधिकारी सुमनलता की ओर से एक एजेंसी पर जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई गई है। एजेंसी की ओर से एक चोक का रिनोवेशन का काम किया जा रहा था। ठेकेदार ने बिजली के लिए जेनरेटर की कोई व्यवस्था नहीं की हुई थी। ऐसे में कर्मचारियों ने हाई मास्ट लाइट से बिजली डायरेक्ट जोड़ ली और पत्थर कटिंग का काम करने लगे।
इसी दौरान नगर परिषद के संंबंधित वार्ड के दो जेई निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने दिन में हाई मास्ट लाइट को जलते हुए देखा तो मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि कर्मचारियों ने बिना अनुमति लाइट कनेक्शन लिया हुआ है। इसी कारण हाई मास्ट लाइट जल रही हैं। जेई ने अपनी रिपोर्ट बनाकर कार्यकारी अधिकारी को सौंप दी।कार्यकारी अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से एजेंसी को नोटिस जारी कर दिया है। अब एजेंसी की ओर से इस मामले में जवाब पेश किया जाएगा।
नियम यह है कि विकास कार्य के दौरान यदि बिजली सप्लाई की जरूरत होती है तो उसकी व्यवस्था संबंधी ठेकेदार को करनी पड़ती है। यदि इस दौरान सरकारी कार्यालय की बिजली का प्रयोग किया जाता है तो उसको लेकर ठेकेदार को अनुमति लेनी होगी। बिजली यूनिट का आने वाले खर्च का भुगतान ठेकेदार को करना होगा या उसको दिए जाने वाले पैसे से बिजली का पैसा काटा जाएगा।
यदि कोई बिना अनुमति ठेकेदार या एजेंसी ऐसा करती है तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई अमल में लाई जाती है। इतना ही नहीं, अधिकारियों को अधिकार है कि वे एजेंसी को ब्लैक लिस्ट भी कर सकते हैं।
नगर परिषद में जहां ठेकेदार व उनके कर्मचारी बिना अनुमति बिजली चोरी करते हैं। वहीं, कुछ माह पहले सामने आया था कि रैन बसेरे का मीटर तक अज्ञात लोग चुराकर ले गए। यह मामला तब सामने आया , जब सोशल मीडिया पर रैन बसेरे की डायरेक्ट बिजली सप्लाई को लेकर वीडियो वायरल हुआ।
इसके बाद नगर परिषद की लाइट शाखा के सोये हुए अधिकारी जागे और बिजली निगम में शिकायत दी। यह मामला आज तक दोनों विभागों के बीच उलझा हुआ है।
धार्मिक कार्यक्रमों में बिजली की होती है चोरी
रानियां रोड पर होने वाले बड़े आयोजनों के दौरान डिवाइडर से लेकर स्ट्रीट लाइट पोल पर बिजली चालित लड़ियां लगाई जाती हैं। इन लड़ियों को अलग से बिजली सप्लाई देने के बजाय स्ट्रीट लाइट पोल से सप्लाई दी जाती है। यह मामला भी लाइट शाखा के सामने आया था मगर राजनीतिक लोगों का हस्तक्षेप होने के कारण दबा दिया गया। इसी प्रकार शहर के कई बड़े आयोजनों के दौरान स्ट्रीट लाइट पोल की बिजली का प्रयोग होता है। पार्कों में होने वाले आयोजनों में इसी प्रकार बिजली चोरी होती है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
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कोट्स
निरीक्षण के दौरान ठेकेदार के कर्मचारी हाई मास्ट लाइट से सीधे कनेक्शन लेकर मोटर चला रहे थे। इस मामले में रिपोर्ट कार्यकारी अधिकारी को लिखित में की थी। इसके बाद एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। सभी एजेंसियों को नोटिस जारी किए जाएंगे कि वे बिना अनुमति किसी प्रकार से स्ट्रीट लाइट की बिजली का प्रयोग नहीं करेंगे। यदि बिना अनुमति करते हैं तो उन पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-रमेश कुमार, जेई, नगर परिषद
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