आरोपी सौरभ ने साथियों के ठिकाने बताए, रात तक आरोपी दीपक की गिरफ्तारी संभव
पुलिस आरोपी सौरभ से कराएगी सभी जगहों की निशानदेही, आरोपी ने खुद के अपहरण का भी रचा था नाटक
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुस्तक विक्रेता के 12 वर्षीय पुत्र पुण्य का अपहरण कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने शनिवार को राजस्थान के हनुमानगढ़ में कई स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान गिरफ्तार आरोपी सौरभ भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहा। पुलिस उसे उसके साथियों के संभावित ठिकानों पर लेकर गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में सौरभ ने अपने तीन साथियों के छिपने के स्थानों की जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी राजस्थान में छिपे हुए हैं। जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा, सौरभ से उन जगहों की भी निशानदेही कराई जाएगी, जहां अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को रखा था। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोपी दीपक शर्मा को भी पुलिस हिरासत में ले चुकी है। रविवार को उसकी गिरफ्तारी दिखाई जा सकती है।
इंद्रपुरी मोहल्ला निवासी राजेश की सूरतगढ़िया बाजार स्थित किताबों की दुकान में चतरगढ़पट्टी निवासी सौरभ सैनी पिछले तीन साल से काम कर रहा था। राजेश के मुताबिक, उसका बेटा पुण्य सेंट जेवियर स्कूल रेलवे कॉलोनी सिरसा में 8वीं कक्षा में पढ़ता है। वह शाम को ट्यूशन पढ़ने के लिए सी ब्लॉक में वीना मेहता के पास दो साल से जा रहा है। सौरभ ही पुण्य को ट्यूशन छोड़ने जाता था। वीरवार शाम 5 बजे को सौरभ पुण्य को बाइक पर बैठाकर ट्यूशन छोड़ने जा रहा था। मैडम वीना के घर वाली गली में पीछे से एक कार उनके बाइक के आगे लगा दी गई।
राजेश के अनुसार, सौरभ ने बाइक रोक दी फिर कार के एक साइड से एक युवक उतरा, उसने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। उसके बाद उसने सौरभ को पहले खींचकर कार के अंदर पीछे वाली सीट पर डाल दिया। बाद में पुण्य को भी कार की पीछे वाली सीट पर खींचकर बैठा दिया। कार में दो युवक पहले से बैठे हुए थे। इसके बाद एक युवक ने पुण्य की आंखों पर रुमाल बांध दिया और सौरभ को रुमाल बांध कर बेहोश कर दिया था। थोड़ी देर चलने के बाद उन्होंने एक जगह कार रोक दी और उसके मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कॉल की।
बच्चा वापस चाहते हो तो 70 लाख दो
अपहरणकर्ताओं ने राजेश को 5 बजकर 17 मिनट पर पहली काल की। इसके बाद लगातार 16 कॉल उसके पास आई। लास्ट कॉल एक घंटा 44 मिनट तक चली। अपहरणकर्ताओं ने उसे कहा कि आपका बच्चा हमारे पास है, मैंने पूछा कौन सा बच्चा। फिर उन्होंने पुण्य से बात कराई। मैंने उनसे कहा कि सौरभ कहां है, उन्होंने कहा कि सौरभ को हमने बेहोश कर दिया है। अगर बच्चा वापस चाहते हो तो 70 लाख रुपये दे दो।
तीन लाख रुपये लेकर घर से चल दिया राजेश
राजेश के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने उसे कहा कि बिना फोन काटे बरनाला रोड जेसीडी से आगे फ्लाईओवर पर पहुंचो। वहां पर बाईं तरफ एक नाला है, वहां पैसे रख दो। इसके बाद राजेश ने तीन लाख रुपये एक लिफाफे में डाले और कुछ किताबें उसमें रख दीं ताकि उनको लगे की पैसे पूरे हैं क्योंकि 70 लाख रुपये उसके पास नहीं थे।
लगातार जगह बदलते रहे अपहरणकर्ता
राजेश अपने दोस्त सुखविंदर सिंह निवासी करनाल के साथ गाड़ी में सवार नाले के पास पहुंचा। इसके बाद कॉलर ने कहा कि यहां पैसे रख दो और सीधे भावदीन टोल के पास आ जाओ। हम आपके बच्चे को वहीं छोड़ देंगे। थोड़ी दूर चलने पर फिर कॉल आई, कॉलर ने कहा कि वापस आ जाओ और बैग उठा लो। फिर उसने कहा कि खैरेकां की तरफ आ जाओ, डबवाली रोड पर आगे घग्गर नदी आएगी। वहां आ जाओ। यहां कच्चे रास्ते में बैग रख दो। राजेश का कहना है कि वह वहां पहुंचा और बताई गई जगह पर बैग रख दिया। इसके बाद अपहरणकर्ताओं ने तीन और जगह बताई, वहां पहुंचने पर भी कोई नहीं मिला।
राहगीर ने फोन पर दी पुण्य की सूचना
रात करीब साढ़े 9 बजे राजेश के पास एक काल आई। काल करने वाले ने कहा कि आप पुण्य के पिता बोल रहे हो, आपका बच्चा मेरे साथ राम नगरिया राधा स्वामी भवन समक्ष पर खड़ा है। इसके बाद राजेश व पुलिस वहां पहुंची और पुण्य को सुरक्षित पाया। राजेश के अनुसार पुण्य ने उसे सारी बातें बता दीं। पुण्य का अपहरण दुकान में काम करने वाले सौरभ सैनी निवासी चतरगढ़पट्टी, दीपक शर्मा निवासी रामनगरिया व उनके दो साथियों ने मिलकर किया था।
कोट्स
अपहरण में शामिल आरोपी सौरभ के तीन साथियों की तलाश जारी है। शनिवार को पुलिस ने हनुमानगढ़ में उनके ठिकानों पर दबिश दी। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-सुखदीप सिंह, जांच अधिकारी।