सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी)की विश्वविद्यालय इकाई ने वीरवार को धरना शुरू किया। एबीवीपी ने मैस में खराब भोजन, अतिरिक्त डाइट शुल्क, कर्मचारियों के व्यवहार और मैस टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा उठाया। री-इवैल्यूएशन फीस बढ़ोतरी पर भी आपत्ति जताई गई।
संगठन ने मांग की कि अंक बढ़ने या मूल्यांकन संबंधी गलती सामने आने पर फीस वापस की जाए। विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम समय पर जारी करने की मांग की। डीएमसी में नाम, माता-पिता के नाम और फोटो संबंधी त्रुटियां दूर करने व मूल्यांकन प्रक्रिया पारदर्शी बनाने की भी मांग रखी। वर्षों से लंबित छात्रावास सिक्योरिटी फीस लौटाने और बढ़ती कोर्स फीस पर नियंत्रण की मांग उठाई गई। उदय फाउंडेशन, बीएसयू-306, राजकीय महिला महाविद्यालय सिरसा की एबीवीपी इकाई सहित अन्य महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी धरने को समर्थन दिया।
छात्रावास और सुरक्षा पर भी उठाई आवाज
विद्यार्थियों ने छात्रवृत्ति समय पर जारी करने, स्वच्छ पेयजल और वाटर कूलर उपलब्ध करवाने तथा आरओ सिस्टम की नियमित सर्विस की मांग की। छात्रावासों में खराब वाशिंग मशीन ठीक करवाने और विद्युत उपकरणों में करंट आने की समस्या दूर करने की मांग भी रखी गई।
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय और छात्रावासों में सफाई व्यवस्था सुधारने, बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। पुस्तकालय आईडी कार्ड और खेल सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई। एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रहित के मुद्दों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।